CRS NEWS:- Akhilesh Yadav का Loksabha में सरकार पर तीखा हमला।

नई दिल्ली: सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 पर चर्चा के दौरान समाजवादी पार्टी के प्रमुख Akhilesh Yadav ने Loksabha में केंद्र सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने सरकारी नौकरियों की भर्ती, शिक्षा व्यवस्था और सरकार की जवाबदेही पर कई गंभीर सवाल खड़े किए।
Akhilesh Yadav ने कहा कि एक के बाद एक नए कानून बनाने (जैसे 2024 का कानून और 2026 का संशोधन) से पेपर लीक की कड़वी सच्चाई को बदला नहीं जा सकता। उन्होंने सवाल उठाया कि जब पहले से ही कड़े कानूनी ढांचे मौजूद हैं, तो बार-बार पेपर लीक कैसे हो रहे हैं? समस्या कानून की कमी नहीं, बल्कि उसे लागू करने की मंशा की है।
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी जैसी केंद्रीय परीक्षा एजेंसियों के कामकाज पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि संवेदनशील भर्ती प्रक्रियाओं को आउटसोर्स (निजी कंपनियों को देना) करना सबसे बड़ी भूल है। इसके अलावा, उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने हजारों प्राथमिक विद्यालयों को बंद करके सार्वजनिक शिक्षा को कमजोर किया है, जिसका सीधा असर गरीब, दलित और पिछड़े वर्ग के बच्चों पर पड़ा है।
युवाओं द्वारा किए जा रहे विरोध प्रदर्शनों का समर्थन करते हुए Akhilesh Yadav ने कहा कि आज का युवा अपने अधिकारों के लिए सजग और मजबूत है। उन्होंने ‘अग्निवीर’ योजना के तहत घटती भर्ती संख्या और विभिन्न भर्ती घोटालों के पीड़ितों को न्याय न मिलने पर भी गहरी चिंता जताई।
अपने संबोधन में सपा प्रमुख ने सरकार के मंत्रियों के इस्तीफों और भ्रष्टाचार के मुद्दों को भी उठाया। उन्होंने राम मंदिर दान प्रक्रिया में कथित भ्रष्टाचार का जिक्र करते हुए इसे एक “महापाप” करार दिया।
Akhilesh Yadav ने अपने भाषण के अंत में स्पष्ट रूप से कहा कि समस्या कानून की नहीं, बल्कि सरकार की ‘नीयत’ की है। जब तक सरकार की नीयत साफ और पारदर्शी नहीं होगी, तब तक शिक्षा व्यवस्था में सुधार और युवाओं को निष्पक्ष रोजगार देना असंभव है।




