
CRS NEWS :- Iran का Yaman के सैन्य ठिकानों पर मिसाइल से हमला। क्षेत्र में जारी अस्थिरता के बीच, ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों की आक्रामक सैन्य गतिविधियों ने स्थिति को और अधिक गंभीर बना दिया है।रिपोर्ट के अनुसार, हूती विद्रोहियों ने यमन में स्थित सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर समन्वित मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं। इन भीषण हमलों में 58 सैनिकों की मौत हो गई। इसके अतिरिक्त, सऊदी अरब के नजरान क्षेत्र में किए गए एक अन्य हमले में एक बच्चे सहित 11 नागरिक घायल हो गए, जबकि कई स्थानों पर बड़े पैमाने पर आग लग गई।
संघर्ष का दायरा केवल क्षेत्रीय नहीं, बल्कि वैश्विक शक्तियों से भी जुड़ा हुआ है।
रिपोर्ट में वाशिंगटन और तेहरान के बीच एक संभावित “हॉर्मुज समझौते” के कूटनीतिक प्रयासों का उल्लेख किया गया है। यद्यपि डोनाल्ड ट्रंप का दावा है कि ईरान अमेरिका के साथ बातचीत का मार्ग तलाश रहा है, भू-राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि क्षेत्र में अनिश्चितता और युद्ध का जोखिम अब भी बना हुआ है।हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) और बाब अल-मंदेब (Bab al-Mandab) जैसे प्रमुख समुद्री मार्गों पर सुरक्षा की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। हालिया आंकड़ों से पता चलता है कि इन मार्गों से गुजरने वाले व्यावसायिक जहाजों की आवाजाही में भारी गिरावट आई है। प्रमुख अंतरराष्ट्रीय शिपिंग संगठनों ने चेतावनी दी है कि अतिरिक्त टोल या सुरक्षा सेवा शुल्क लागू करने से आपूर्ति श्रृंखला बाधित होगी, जिससे वैश्विक स्तर पर महंगाई (मुद्रास्फीति) में भारी वृद्धि हो सकती है। संकट के बीच कई देश अपने सुरक्षा और आर्थिक हितों की रक्षा के लिए कूटनीतिक पहल कर रहे हैं। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ सहित कई क्षेत्रीय नेता सुरक्षा, निवेश और ऊर्जा सहयोग को लेकर बातचीत में लगे हैं।
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से फोन पर बात कर पश्चिम एशिया की स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की और शांति बहाल करने पर चर्चा की।
पूर्वी यमन में हूती हमलों का दायरा बढ़ना इस बात का संकेत है कि देश एक बार फिर पूर्ण पैमाने पर गृहयुद्ध की ओर लौट सकता है। इससे अमेरिका, इजराइल और उनके सहयोगियों के लिए कई मोर्चों पर इस संघर्ष को नियंत्रित करना और अधिक चुनौतीपूर्ण हो जाएगा।






