
CRS NEWS :- मक्का एग्रीमेंट बदलेगा मध्य पूर्व का संतुलन: साउदी अरब,तुर्की और पाकिस्तान एक साथ। सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्की के बीच ‘मक्का जॉइंट डिफेंस एग्रीमेंट’ इस समझौते का मुख्य उद्देश्य एक सामूहिक सुरक्षा ढांचा तैयार करना है, जिसके तहत इन तीनों देशों में से किसी एक पर भी हुआ हमला, तीनों पर हमला माना जाएगा।
प्रत्येक देश की अपनी विशेष ताकत है। सऊदी अरब के पास वित्तीय शक्ति, पाकिस्तान के पास परमाणु क्षमता और बड़ी सेना, और तुर्की के पास आधुनिक रक्षा उद्योग और ड्रोन तकनीक है।
कारण: यह समझौता मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव, जैसे कि लाल सागर (Red Sea) की सुरक्षा और ईरान-अमेरिका के बीच के संघर्ष के मद्देनजर किया गया है।
विशेषज्ञ ओमेरा नस का मानना है कि भारत को इस स्थिति को लेकर चिंतित होने के बजाय, सऊदी अरब के साथ अपने मजबूत संबंधों का उपयोग करना चाहिए ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि यह गठबंधन भारत के खिलाफ न हो।
इस समझौते में इस बात पर भी जोर दिया गया है कि भारत को इजरायल और फिलिस्तीन के मुद्दों पर अपना संतुलन बनाए रखना चाहिए।






