
CRS NEW :- Israel पर Iran का बहुत बड़ा हमला। मध्य पूर्व में बढ़ता तनाव: Iran का Israel पर व्यापक सैन्य हमला।
Iran ने Israel पर बड़े पैमाने पर सैन्य कार्रवाई शुरू की है। इस हमले ने संपूर्ण पश्चिम एशिया को एक पूर्ण-स्तरीय युद्ध के मुहाने पर लाकर खड़ा कर दिया है।
Iran की ओर से किए गए इस हमले में विभिन्न प्रकार की उन्नत सैन्य तकनीकों का उपयोग किया गया है। रिपोर्टों के अनुसार, सैकड़ों आत्मघाती ड्रोन, बैलिस्टिक मिसाइलें और घातक क्लस्टर बमों (Cluster Bombs) का प्रयोग किया गया है। क्लस्टर बमों का उपयोग हवा में ही कई छोटे बम विस्फोटकों (submunitions) को फैलाकर बड़े पैमाने पर तबाही मचाने के लिए किया जाता है।
Iran के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने इस कार्रवाई के दौरान आक्रामक बयान जारी किए हैं। IRGC ने दावा किया कि दुनिया जल्द ही एक “ऐतिहासिक सरप्राइज” की गवाह बनेगी। साथ ही, उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि Israel या उसके सहयोगियों द्वारा सैन्य प्रतिरोध या पलटवार जारी रहा, तो Israeli क्षेत्रों को “सामूहिक कब्रिस्तान” में बदल दिया जाएगा।
हमले की शुरुआत होते ही Israel के प्रमुख शहरों में हवाई हमले के सायरन (Air Raid Sirens) लगातार गूंजने लगे। तेल अवीव के रिहायशी इलाकों के साथ-साथ अशदोद और हेब्रोन जैसे क्षेत्रों से ज़ोरदार धमाकों और नुकसान की खबरें प्राप्त हुई हैं। अचानक हुए इस हमले से आम नागरिकों के बीच भारी डर और अफरा-तफरी का माहौल बन गया है।
वायु रक्षा प्रणाली (Air Defense System) के समक्ष चुनौती
Israel के पास विश्व की सबसे अत्याधुनिक बहुस्तरीय वायु रक्षा प्रणाली (जैसे आयरन डोम, डेविड्स स्लिंग और एरो सिस्टम) मौजूद है। हालांकि, इस अभूतपूर्व हमले में मिसाइलों और ड्रोन की भारी तादाद तथा क्लस्टर वारहेड के इस्तेमाल के कारण Iranian प्रोजेक्टाइल सुरक्षा घेरे को भेदने में सफल रहे।
विशेषज्ञों का आकलन: एक साथ दागी गई सैकड़ों मिसाइलों की बौछार और क्लस्टर बमों के फैलाव ने वायु रक्षा प्रणालियों के इंटरसेप्टर्स को व्यस्त कर दिया, जिससे कुछ मिसाइलें सीधे घनी आबादी वाले इलाकों पर जा गिरीं।
यह हमला अचानक नहीं हुआ है, बल्कि लंबे समय से चले आ रहे गंभीर कूटनीतिक और सैन्य तनाव की परिणति है। Iran इस क्षेत्र में Israel की उपस्थिति और सैन्य कार्रवाइयों को अपने अस्तित्व के लिए बड़ा खतरा मानता आया है। दूसरी ओर, Israel ने भी अपने राष्ट्रीय सुरक्षा तंत्र को हाई अलर्ट पर रखते हुए त्वरित सैन्य मूल्यांकन और संभावित बड़े पलटवार की तैयारी शुरू कर दी है।
यह संघर्ष न केवल दोनों देशों के लिए विनाशकारी सिद्ध हो सकता है, बल्कि इससे वैश्विक तेल आपूर्ति, अंतर्राष्ट्रीय व्यापार और संपूर्ण मध्य पूर्व की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर और दीर्घकालिक प्रभाव पड़ना तय है।






