CRS NEWS MEERUT: भारतीय किसान यूनियन (बीआर आंबेडकर) के अध्यक्ष डॉ. दिग्विजय भाटी ने आरोप लगाया है कि गैंगस्टर मामले की शिकायत लेकर जाने पर मेरठ के एसएसपी और सिविल लाइंस इंस्पेक्टर ने उन्हें और उनके साथी को थर्ड डिग्री दी। पिटाई से आंखों से खून आ गया। हंगामे के बाद गुरुवार रात एसएसपी को पद से हटा दिया गया है।

उत्तर प्रदेश के मेरठ में पुलिस की बर्बरता का एक गंभीर आरोप सामने आया है। भारतीय किसान यूनियन (बीआर आंबेडकर) के अध्यक्ष डॉ. दिग्विजय भाटी और उनके साथी मोहित जाटव ने तत्कालीन एसएसपी अविनाश पांडेय और सिविल लाइंस थाना प्रभारी अखिलेश गौड़ पर बेरहमी से पिटाई (थर्ड डिग्री) करने का आरोप लगाया है। इस घटना का वीडियो भी इंटरनेट पर वायरल हो रहा है। घटना के तूल पकड़ने और लखनऊ से जवाब-तलब होने के बाद गुरुवार रात एसएसपी अविनाश पांडेय को उनके पद से हटाकर डीजीपी मुख्यालय (लखनऊ) में एसपी के पद पर संबद्ध कर दिया गया है।
क्या है पूरा मामला?
किसान नेता दिग्विजय भाटी ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर बताया कि बुधवार को वह अपने साथी मोहित जाटव के साथ गैंगस्टर के एक मुकदमे में निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर एसएसपी कार्यालय गए थे। उस समय एसएसपी अविनाश पांडेय कार्यालय में नहीं थे। करीब 5 मिनट बाद वह वहां पहुंचे और एक सिपाही के जरिए दोनों को अंदर बुलवाया।
दिग्विजय का आरोप है कि परिचय देते ही एसएसपी आग बबूला हो गए और बोले- “तुम वही हो, जिसने कलेक्ट्रेट गेट पर हंगामा किया था।” आरोप है कि इसके बाद एसएसपी ने कार्यालय में ही दोनों की जमकर पिटाई की।
एसओजी कार्यालय ले जाकर ‘थर्ड डिग्री’ देने का आरोप
भाटी के मुताबिक, कुछ देर बाद सिविल लाइंस थाना प्रभारी अखिलेश गौड़ एसएसपी कार्यालय पहुंचे और दोनों को पुलिस लाइन स्थित एसओजी कार्यालय ले गए। आरोप है कि यहां अखिलेश गौड़ और उनकी टीम ने दिग्विजय और मोहित के साथ बर्बरता की हदें पार कर दीं। पिटाई के कारण आंखों से खून बहने लगा और हालत गंभीर हो गई। रात को जब दोनों को सिविल लाइंस थाने लाया गया, तो उनकी बिगड़ती हालत को देखते हुए पुलिस ने आनन-फानन में आंखों और दिमाग (न्यूरो) के डॉक्टरों को थाने में ही इलाज के लिए बुलाया।
रात 2 बजे थाने पहुंचे सपा विधायक, पुलिस के खिलाफ खोला मोर्चा
घटना की भनक लगते ही सपा विधायक अतुल प्रधान बुधवार देर रात (करीब 2 बजे) दिग्विजय के परिजनों को लेकर सिविल लाइंस थाने पहुंच गए। भारी हंगामे के बाद मेडिकल कराकर पुलिस ने दोनों को उनके हवाले कर दिया। विधायक अतुल प्रधान ने कहा कि दिग्विजय और मोहित के साथ बेरहमी से मारपीट की गई है। उन्होंने चेतावनी दी है कि सिविल लाइंस इंस्पेक्टर अखिलेश गौड़ के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा और इसके लिए बड़ा आंदोलन होगा।
लखनऊ तक गूंजा मामला, SSP पर एक्शन
बुधवार रात से ही इस हाई-प्रोफाइल मामले को लेकर शीर्ष अधिकारियों ने लखनऊ से जानकारी मांगनी शुरू कर दी थी। मामला बढ़ता देख गुरुवार रात सरकार ने बड़ा एक्शन लिया और मेरठ एसएसपी अविनाश पांडेय का तबादला कर उन्हें डीजीपी मुख्यालय लखनऊ अटैच कर दिया।
पुलिस और अफसरों का क्या है कहना?
इस पूरे विवाद पर पुलिस का अपना अलग तर्क है:
- तत्कालीन SSP अविनाश पांडेय का पक्ष: उन्होंने किसान नेता के सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उनका कहना है कि दिग्विजय एक हिस्ट्रीशीटर के साथ पुलिस कार्यालय पहुंचे थे और वहां पुलिसकर्मियों से अभद्रता व विवाद कर रहे थे। इसी वजह से उन्हें हिरासत में लिया गया था। बाद में उन्हें सकुशल घर भेज दिया गया, मारपीट या थर्ड डिग्री जैसी कोई घटना नहीं हुई है।
- ADG भानु भास्कर का बयान: एडीजी ने बताया कि अभी तक यह मामला आधिकारिक रूप से उनके संज्ञान में नहीं आया है, लेकिन इसकी निष्पक्ष छानबीन कराई जाएगी।






