
बस्ती में चेकिंग के दौरान खुली पोल, यूपी शासन का फर्जी लोगो और विजिटिंग कार्ड से पुलिस-प्रशासन पर जमाता था रौब
CRS NEWS बस्ती। खुद को उत्तर प्रदेश शासन का OSD और सचिवालय लखनऊ का अधिकारी बताकर अलग-अलग जिलों में वीआईपी प्रोटोकॉल लेने वाले एक जालसाज को कोतवाली पुलिस और यातायात पुलिस की संयुक्त टीम ने गिरफ्तार किया है। आरोपी लाल-नीली बत्ती लगी इनोवा कार पर उत्तर प्रदेश सरकार का नाम और लोगो लगाकर चलता था। पुलिस ने उसके कब्जे से फर्जी OSD के विजिटिंग कार्ड, वॉकी-टॉकी, मोबाइल फोन, एटीएम कार्ड और नकदी बरामद की है।
पुलिस के मुताबिक 26 अगस्त को बड़ेबन पुल के नीचे संदिग्ध वाहनों की चेकिंग की जा रही थी। इसी दौरान पुलिस टीम ने UP32HW2225 नंबर की सफेद इनोवा को रोका। वाहन पर उत्तर प्रदेश सरकार लिखा हुआ था और उस पर लाल-नीली बत्ती लगी थी। कार में सवार मोहसिन खान ने पुलिसकर्मियों को अपना परिचय उत्तर प्रदेश सरकार के OSD एवं सचिवालय लखनऊ के अधिकारी के रूप में दिया। आरोप है कि उसने अधिकारी होने का रौब दिखाकर पुलिस को प्रभावित करने का प्रयास किया।
दस्तावेजों की जांच में सामने आई हकीकत
पुलिस टीम को उसके परिचय और वाहन पर लगे सरकारी चिह्न को लेकर संदेह हुआ। इसके बाद जब उसके पहचान संबंधी दस्तावेजों और कार्ड की जांच की गई तो मामला संदिग्ध पाया गया। पूछताछ और जांच में उसके फर्जी OSD होने की बात सामने आने पर पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान मोहसिन खान पुत्र वसीम खान, निवासी चईयाबारी, थाना पुरानी बस्ती के रूप में हुई है। पुलिस ने उसके पास से फर्जी OSD के पांच विजिटिंग कार्ड, दो BAOFENG वॉकी-टॉकी, एक एप्पल आईफोन, एक की-पैड मोबाइल फोन, चार एटीएम कार्ड और 2700 रुपये नकद बरामद किए हैं।
कई जिलों में वीआईपी प्रोटोकॉल लेने का आरोप
पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने कथित तौर पर बताया कि वह फर्जी पहचान और दस्तावेजों के सहारे विभिन्न जनपदों और राज्यों में आवाजाही करता था। फर्जी OSD कार्ड दिखाकर वह पुलिसकर्मियों और टोल प्लाजा कर्मचारियों पर प्रभाव बनाने की कोशिश करता था। आरोप है कि इसी पहचान के सहारे वह वीआईपी प्रोटोकॉल लेने, टोल प्लाजा पर छूट हासिल करने और सरकारी कार्यालयों में आसानी से प्रवेश करने का प्रयास करता था।
पुलिस के अनुसार आरोपी आम लोगों को भी अधिकारियों से काम कराने का भरोसा देकर कथित तौर पर ठगी करता था। उसके पास से मिले वॉकी-टॉकी और अन्य सामान की भूमिका की भी जांच की जा रही है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी ने फर्जी पहचान का इस्तेमाल कब से किया और इस दौरान किन-किन स्थानों पर जाकर लोगों अथवा सरकारी तंत्र को प्रभावित करने का प्रयास किया।
चालक को पूछताछ के बाद छोड़ा
इनोवा में आरोपी के साथ चालक राजेश यादव भी मौजूद था। पुलिस ने उससे पूछताछ कर उसके बारे में सत्यापन किया। फिलहाल उसे विवेचना में सहयोग करने की हिदायत देते हुए नोटिस पर छोड़ दिया गया है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि चालक को आरोपी की कथित फर्जी पहचान की जानकारी थी या नहीं।
IT Act समेत कई धाराओं में मुकदमा
मामले में थाना कोतवाली में मु0अ0सं0 371/2026 दर्ज किया गया है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ BNS की विभिन्न धाराओं और धारा 66D आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। गिरफ्तार आरोपी को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करने की प्रक्रिया पूरी की गई।
पुलिस अब बरामद फर्जी विजिटिंग कार्ड, वाहन पर लगे सरकारी चिह्न और लाल-नीली बत्ती समेत अन्य सामान के स्रोत की जांच कर रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि आरोपी ने फर्जी OSD बनकर कितने लोगों से संपर्क किया और इस पहचान के जरिए उसे अब तक क्या-क्या लाभ मिला।






