
एक्सप्रेसवे को उद्योग, निवेश और रोजगार का कॉरिडोर बनाने पर जोर; 30 सितंबर तक सभी डिजिटल पुस्तकालय पूर्ण करने के निर्देश
CRS NEWS लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन की बैठक में प्रदेश में संचालित प्रमुख विकास परियोजनाओं और जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि विकास कार्यों में किसी भी स्तर पर अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। भूमि अधिग्रहण, निविदा प्रक्रिया, विभागीय समन्वय अथवा अन्य प्रशासनिक कारणों से लंबित कार्यों का तत्काल समाधान करते हुए सभी परियोजनाओं को निर्धारित समयसीमा में पूरा कराया जाए।
बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के विकास को नई गति देने के लिए बड़ी परियोजनाओं को केवल निर्माण तक सीमित न रखा जाए, बल्कि उन्हें रोजगार, निवेश, उद्योग और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था से जोड़ा जाए। उन्होंने एक्सप्रेसवे परियोजनाओं को इसी दृष्टिकोण से विकसित करने के निर्देश दिए।
एक्सप्रेसवे परियोजनाओं में तेजी के निर्देश
मुख्यमंत्री ने फर्रुखाबाद लिंक, झांसी लिंक और जेवर लिंक समेत अन्य एक्सप्रेसवे परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में तेजी लाने को कहा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि भूमि अधिग्रहण से संबंधित समस्याओं का स्थानीय स्तर पर प्रभावी समाधान किया जाए, ताकि परियोजनाओं के निर्माण में अनावश्यक विलंब न हो।
उन्होंने कहा कि एक्सप्रेसवे प्रदेश में उद्योगों की स्थापना, निवेश आकर्षित करने, रोजगार के अवसर बढ़ाने और क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों को गति देने वाले महत्वपूर्ण कॉरिडोर बन सकते हैं। इसके साथ ही नोएडा मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक्स हब सहित अन्य प्रमुख परियोजनाओं को भी प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाने के निर्देश दिए गए।
बिजली चोरी और लाइन लॉस पर जवाबदेही तय करने के निर्देश
बैठक में बिजली व्यवस्था की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने अत्यधिक लाइन लॉस वाले क्षेत्रों में इसके वास्तविक कारणों की पहचान करने के निर्देश दिए। उन्होंने बिजली चोरी पर प्रभावी कार्रवाई, सही बिलिंग और राजस्व वसूली व्यवस्था को मजबूत बनाने पर जोर दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन क्षेत्रों में लगातार अधिक लाइन लॉस सामने आ रहा है, वहां केवल आंकड़ों की समीक्षा पर्याप्त नहीं होगी, बल्कि समस्या के मूल कारणों की पहचान कर उसका स्थायी समाधान किया जाए। साथ ही लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही भी तय की जाए।
30 सितंबर तक पूरे हों डिजिटल पुस्तकालय
ग्रामीण युवाओं को शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री ने सभी डिजिटल पुस्तकालयों को 30 सितंबर तक पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि डिजिटल पुस्तकालय केवल किताबों तक सीमित न रहें, बल्कि ग्रामीण युवाओं के लिए अध्ययन, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और डिजिटल ज्ञान के महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में विकसित किए जाएं।
‘जीरो पावर्टी’ अभियान में पात्र परिवारों को मिले योजनाओं का लाभ
मुख्यमंत्री ने ‘जीरो पावर्टी’ अभियान की समीक्षा करते हुए पात्र गरीब परिवारों को सरकार की विभिन्न योजनाओं से जोड़ने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिया कि पात्र परिवारों को आवास, राशन, आयुष्मान कार्ड समेत अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्राथमिकता से उपलब्ध कराया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गरीबी उन्मूलन का उद्देश्य केवल सरकारी सहायता उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि परिवारों को आत्मनिर्भर बनाना भी है। इसके लिए प्रत्येक पात्र परिवार के कम से कम एक सदस्य को कौशल प्रशिक्षण दिलाकर रोजगार अथवा स्वरोजगार से जोड़ने की दिशा में प्रभावी कार्य किया जाए।
लेबर अड्डों पर श्रमिकों को मिलें सम्मानजनक सुविधाएं
श्रमिकों की सुविधाओं को लेकर भी मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि लेबर अड्डों पर काम की तलाश में आने वाले श्रमिकों को पेयजल, शौचालय, स्वच्छता, चिकित्सा और भोजन जैसी मूलभूत एवं सम्मानजनक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। इन व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
विरासत और पैमाइश के मामलों में पारदर्शिता पर जोर
राजस्व विभाग की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने विरासत और पैमाइश से जुड़े मामलों का पारदर्शी एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि आम नागरिकों को राजस्व संबंधी मामलों के निस्तारण के लिए अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
प्रयागराज में निरस्त किए गए विरासत संबंधी आवेदनों की जांच कराने के निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि आवेदन निरस्त करने की कार्रवाई पूरी तरह नियमों और मेरिट के आधार पर हुई हो। किसी भी स्तर पर अनियमितता मिलने पर आवश्यक कार्रवाई की जाए।
फायर सेफ्टी मानकों का कड़ाई से पालन
मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य संस्थानों सहित सभी प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर फायर सेफ्टी मानकों के कड़ाई से अनुपालन के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक भवनों में अग्नि सुरक्षा से जुड़े मानकों की नियमित जांच हो और कमियों को तत्काल दूर कराया जाए, ताकि किसी भी आपात स्थिति में जनहानि की आशंका को कम किया जा सके।
लखनऊ में सीवर-मैनहोल से केबल शिफ्ट करने के निर्देश
लखनऊ में सीवर लाइन और मैनहोल से गुजर रहे विद्युत एवं OFC केबलों को निर्धारित मानकों के अनुसार शिफ्ट करने के निर्देश भी मुख्यमंत्री ने दिए। उन्होंने संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर इस कार्य को निर्धारित मानकों के अनुरूप पूरा कराने पर जोर दिया।
खेल परियोजनाओं को समय से पूरा करने पर जोर
बैठक में निर्माणाधीन खेल परियोजनाओं की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने गोरखपुर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम और मेरठ स्पोर्ट्स विश्वविद्यालय समेत अन्य निर्माणाधीन परियोजनाओं को गुणवत्ता के साथ निर्धारित समयसीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं होना चाहिए और परियोजनाओं की नियमित निगरानी की जाए।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रदेश में चल रही सभी प्रमुख परियोजनाओं की प्रगति की लगातार समीक्षा की जाए और जहां भी भूमि, बजट, निविदा या विभागीय समन्वय से संबंधित बाधाएं हैं, उनका तत्काल समाधान किया जाए। बैठक में विकास कार्यों को गति देने के साथ-साथ योजनाओं का लाभ अंतिम पायदान पर खड़े पात्र व्यक्ति तक पहुंचाने को सरकार की प्राथमिकता बताया गया।







