
आईजीआरएस व जनता दर्शन की शिकायतों के संतुष्टिपरक समाधान पर जोर, महिला-बाल अपराधों में संवेदनशील कार्रवाई के निर्देश
जन्माष्टमी व गणेश चतुर्थी को लेकर विशेष सतर्कता, मथुरा-वृंदावन में बनेगा व्यापक क्राउड कंट्रोल प्लान
CRS NEWS लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को शासन स्तर के वरिष्ठ अधिकारियों एवं फील्ड अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा बैठक की। बैठक में राजस्व न्यायालयों में लंबित मामलों, जनशिकायतों, कानून-व्यवस्था, आगामी त्योहारों की तैयारियों और बाढ़ राहत कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि आमजन से जुड़े मामलों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और अधिकारियों को शासन की मंशा के अनुरूप समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण कार्रवाई सुनिश्चित करनी होगी।
पुराने राजस्व मामलों को प्राथमिकता से निपटाएं
मुख्यमंत्री ने राजस्व न्यायालयों में लंबे समय से लंबित मामलों पर विशेष नाराजगी जताते हुए पांच वर्ष से अधिक पुराने मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जमीन, संपत्ति और नागरिकों के अधिकारों से जुड़े मामलों में लोगों को बार-बार तारीख के लिए भटकना न पड़े। ‘तारीख पर तारीख’ की प्रवृत्ति को हर हाल में समाप्त किया जाना चाहिए।
उन्होंने धारा 33 के अंतर्गत आने वाले अविवादित वरासत मामलों को मिशन मोड में निस्तारित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि राजस्व मामलों में अनावश्यक देरी से आम लोगों को आर्थिक और मानसिक परेशानी होती है, इसलिए प्रत्येक स्तर पर प्रभावी मॉनिटरिंग की जाए।
आईजीआरएस शिकायतों के समाधान में गुणवत्ता जरूरी
मुख्यमंत्री ने जनता दर्शन और आईजीआरएस के माध्यम से प्राप्त शिकायतों की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि शिकायतों का निस्तारण केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि शिकायतकर्ता की वास्तविक समस्या का समाधान होना चाहिए।
उन्होंने गलत अथवा असंतोषजनक तरीके से निस्तारित किए गए मामलों की दोबारा समीक्षा कराने के निर्देश दिए। ऐसे मामलों में संबंधित जिलों से पांच दिन के भीतर स्पष्टीकरण लेने को कहा गया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को शिकायतों की गुणवत्ता और शिकायतकर्ता की संतुष्टि को प्राथमिकता देने की हिदायत दी।
गंभीर अपराधों में 5.1 प्रतिशत की कमी
बैठक में प्रदेश की कानून-व्यवस्था और अपराध की स्थिति की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि 13 जुलाई से 23 अगस्त के बीच गंभीर अपराधों में 5.1 प्रतिशत तथा महिलाओं के विरुद्ध अपराधों में 3.9 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है।
मुख्यमंत्री ने महिला एवं बाल अपराधों के मामलों में त्वरित और संवेदनशील कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने जोन और रेंज स्तर पर प्रत्येक सप्ताह क्राइम एनालिसिस करने तथा अपराध के पैटर्न की समीक्षा कर प्रभावी रणनीति तैयार करने को कहा। माफियाओं और संगठित अपराध से जुड़े तत्वों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रखने के निर्देश भी दिए गए।
त्योहारों को लेकर सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रखने के निर्देश
आगामी श्रीकृष्ण जन्माष्टमी, गणेश चतुर्थी और अन्य पर्वों को देखते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। मथुरा-वृंदावन में श्रद्धालुओं की संभावित भारी भीड़ को देखते हुए व्यापक क्राउड कंट्रोल प्लान तैयार करने को कहा गया।
श्री बांके बिहारी मंदिर के लिए अलग से विशेष कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए गए, ताकि दर्शन के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन में किसी प्रकार की समस्या न हो।
गणेश प्रतिमा विसर्जन के दौरान हाईटेंशन तारों और उफनती नदियों से होने वाले संभावित हादसों को रोकने के लिए विशेष सतर्कता बरतने तथा पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती के निर्देश दिए गए।
संवेदनशील मामलों पर 24 घंटे नजर रखने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने गो-तस्करी, धर्मांतरण, धार्मिक स्थलों से जुड़ी घटनाओं और अन्य संवेदनशील मामलों को लेकर पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों को 24×7 अलर्ट रहने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में सूचना मिलते ही त्वरित कार्रवाई होनी चाहिए और किसी भी स्थिति में कानून-व्यवस्था प्रभावित नहीं होनी चाहिए।
बाढ़ प्रभावित जिलों में राहत कार्यों की समीक्षा
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान मुख्यमंत्री ने चित्रकूट, फर्रुखाबाद, अयोध्या, आजमगढ़ और बाराबंकी में बाढ़ की स्थिति तथा राहत एवं बचाव कार्यों की भी समीक्षा की। उन्होंने राहत शिविरों में प्रभावित लोगों को गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में एंटी-वेनम और एंटी-रेबीज की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि बाढ़ के दौरान किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह तैयार रहें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासन की प्राथमिकता आमजन की सुरक्षा, समस्याओं का समयबद्ध समाधान और कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाए रखना है। अधिकारियों को शासन के निर्देशों का प्रभावी ढंग से अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।







