
CRS NEWS: लखनऊ समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव ने पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव मोहम्मद आजम खां की जेल से रिहाई पर प्रसन्नता व्यक्त की और अदालत का आभार जताया। उन्होंने कहा कि हमें भरोसा था कि अदालत मोहम्मद आजम खां साहब के साथ न्याय करेगी। भाजपा सरकार ने उन पर झूठे मुकदमे लादे थे, लेकिन अब उन्हें न्याय मिला है। आज समाजवादियों के लिए यह खुशी का दिन है।
मंगलवार को हजरतगंज, लखनऊ में मीडिया से बातचीत में अखिलेश यादव ने कहा कि मोहम्मद आजम खां साहब ने नेताजी मुलायम सिंह यादव के साथ लंबा संघर्ष किया और भाजपा का मुकाबला किया। आने वाले समय में समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर आजम खां सहित पत्रकारों पर दर्ज सभी फर्जी मुकदमे वापस लिए जाएंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने उपमुख्यमंत्री और भाजपाई साथियों पर दर्ज मुकदमे पहले ही वापस ले लिए हैं।
श्री यादव ने भाजपा सरकार पर जातीय भेदभाव का आरोप लगाते हुए कहा कि थानों, चौकियों, तहसीलों और विभिन्न सरकारी पदों पर नियुक्तियां जाति के आधार पर की जा रही हैं। गोरखपुर और एसटीएफ की पोस्टिंग में भी एक ही जाति का वर्चस्व है। यहां तक कि मुख्यालयों के ठेके भी जाति विशेष के लोगों को दिए गए।
उन्होंने कहा कि पांच हजार सालों से जातीय भेदभाव समाज में जड़ें जमाए हुए है। बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर ने अपनी पुस्तक एनीहिलेशन ऑफ कास्ट में इसका उल्लेख किया है। समाजवादी चिंतक डॉ. राममनोहर लोहिया और नेताजी मुलायम सिंह यादव ने सदैव “जाति तोड़ो, समाज जोड़ो” का नारा दिया। आज भाजपा पीडीए (पिछड़े, दलित, अल्पसंख्यक) की एकजुटता से घबराई हुई है।
अखिलेश यादव ने कहा कि अदालत ने जाति भेदभाव पर जो फैसला सुनाया है, उससे उम्मीद है कि आगे समाज से जातिगत भेदभाव खत्म करने का रास्ता भी निकलेगा। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि किसी का घर या मंदिर गंगाजल से धुलवाना अपमानजनक है और ऐसे मामलों में दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
उन्होंने भाजपा सरकार पर भेदभाव का आरोप लगाते हुए कहा कि सीतापुर में समाजवादी पार्टी का झंडा लगी गाड़ियों का चालान तक कर दिया गया। पार्किंग में खड़ी गाड़ी पर भी झंडा लगा होने पर चालान करवाया जा रहा है।
सोशल मीडिया पर अखिलेश यादव ने लिखा कि मोहम्मद आजम खां की रिहाई उनके परिवार, समाजवादियों और उन सभी लोगों के लिए राहत और खुशी का विषय है जो इंसाफ पर विश्वास रखते हैं। यह सबक भी है कि झूठ और साजिश की एक सीमा होती है।
उन्होंने विश्वास जताया कि मोहम्मद आजम खां एक बार फिर से उपेक्षित, पीड़ित और अपमानित लोगों की आवाज बनकर भाजपा सरकार के दमन के खिलाफ खड़े होंगे और समाजवादी मूल्यों व सिद्धांतों के साथ सामाजिक न्याय की लड़ाई को आगे बढ़ाएंगे।










