कैसे बन्द हो तिलहर में अबैध मिट्टी खनन, स्थानीय प्रशासन भी मौन!
CRS तिलहर/शाहजहाँपुर-अबैध मिट्टी खनन से लदी ट्रॉलियाँ, टैक्टरो के साथ, दिन के उजाले में नगर की सड़को पर सरपट दौड़ रही है बाबजूद इसके स्थानीय प्रशासन और पुलिस पूरी तरह मौन सांधे नज़र आ रही है! जहाँ एक ओर मिट्टी खनन से टैक्टर ट्रॉली देख पुलिस नज़रे घुमा कर खनन विभाग का मामला बोल कर पल्ला छाड़ती नज़र आती है तो वहीं नगर की सड़को पर चलते स्थानीय वाहनो को चेकिंग के नाम पर परेशान कर,नगरवासियों अपना गुस्सा निकालती दिखती है!
बताया जाता है कि तिलहर नगर के आस पास ग्रामीण क्षेत्रो से लगातार हो रहे मिट्टी खनन माफियाँ इस कदर निडर नज़र आते हैं कि जहाँ रायलटी जमा करने के बाद ढ़ाई फिट गहराई तक ही मिट्टी खुदाई की जा सकती है तो वहीं यह खनन माफिया कथित हल्का सिपाही और कथित मीडिया कर्मियों की शय में 5 फिट से भी अधिक गहरी मिट्टी खुदाई कर पड़ौसी खेतो के लिए बड़ी समस्या खुलेआम उत्पन्न कर रहे हैं!
सूत्रो की माने तो नगर के कई प्रमुख और सार्वजनिक स्थानो पर खनन माफियाओं से तथाकथित/कथित मीडिया कर्मियों व कथित सिपाहियों की जिगलबंदी होते आसानी से देखी जा सकती है! नगर क्षेत्र से लगे गांव गुलचंपा, डभौरा आदि के क्षेत्र जहाँ खनन माफियाओं ने मिट्टी खनन कर खेतो को गहले तालाब में बदल दिया तो वहीं लखुआ, बंधा, बतलैया, हाजीपुर आदि ग्रामीण क्षेत्रो में खेतो का हाल भी मिट्टी खनन से बुरा होता जा रहा है! इस मिट्टी खनन से प्रदेश सरकार के राजस्व विभाग को हर माह लाखो का नुकसान पहुंचाने में स्थानीय प्रशासन के राजस्व विभाग की भी भरपूर मदद मिलती बताई जाती है!
अब देखना यह है कि इससे पूर्व के वर्षो में जहाँ नदियों से बालू खनन व हरे भरे बागो के कटान पर स्थानीय प्रशासन मौन रहा नज़र आया तो वहीं प्रदेश में ईमानदार और सख्त योगी सरकार में स्थानीय प्रशासन इस मिट्टी खनन को लेकर कितनी गंभीरता से कोई कार्यवाही कब तक करता है, यह निश्चित है भी या नही!







