गौवंश अपने साथ मानव भी दाव पर लगा कर सड़को पर घायल होने को मजबूर!
CRS शाहजहाँपुर-राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात को बांधित करते गौवंश को जान का तो हर समय खतरा बना ही रहता है साथ अक्सर उनके टकराने से चौपहियाँ वाहनो में सफर करता मानव जीवन भी काल का ग्रास बन जाता है!
भूख से भटकते बारिश में खेतो से निकल कर साफ सुथरे राष्ट्रीय राज मार्ग को अपना आशियाना बनाने वाला गोवंश, कभी मानव जीवन का पारिवारिक सदस्य रहा है लेकिन 2017 के बाद जैसे इस वंश के साथ लगभग चमकने वाले का सौतेला व्यवहार देखने को मिला!
प्रदेश सरकार ने गौवंश सरंक्षण को, जगह जगह गौशाला निर्माण के लिए करोड़ो रुपया ही खर्च नही बल्कि समय समय पर उनके भोजन के लिए भी सैकड़ो स्कीम और बड़ा बजट भी दिया जा रहा है परन्तु धरातल पर स्थिति इसके विपरीत नज़र आ रही है!
देखने को जनपद भर में बैसे तो सैकड़ो गौशालाएं और गौवंश की सुरक्षा का दंभ भरने बाले देखने को मिलते हैं लेकिन हकीकत में सड़को, गलियों भूख से तड़पता गौवंश कदम कदम पर देखने को मिल रहा है इतना ही नही ग्रामीण क्षेत्रो में भूख मिटाने के लिए ग्रामीण की फसल का नपकसान करने पर लाठी डंण्डो से पिट कर घायल होना और फिर वहाँ से भाग कर बड़ी खुली सड़को पर आबारगी के साथ जान हथेली पर लिए भटकते हुए साफ देखे जा सकते हैं!
गौशालाओं की आड़ में कहीं कथित तौर पर जगह नही होने का टीकरा तो कहीं चारा, गोबर घोटाला आदि तमाम बाते चर्चा का विषय बनी रहती है तो वहीं चुनाव करीब आते ही गौवंश जैसे जनप्रतिनिधियों की कुर्सी बचाने में अपनी अहम भुमिका अदा कर रहे,दिखाई और सुनाई पड़ता है!
जहाँ कथित जिम्मेदारो को इनकी रत्तीभर परवाह नही दीखती तो वहीं तथकथित जिमेदारो के लिए इनके साथ फोटोशूट स्वंय के प्रचार प्रसार और भक्ती चमकाने का सबसे बढ़िया तरीका नज़र आता है! स्थाई और अस्थाई गौशालाओं की मरम्मत के नाम पर हर वर्ष किसी न किसी रूप में सरकार के लाखो रुपये का बंदर बाट हो रहा है!
सूत्रो की माने गौवंश सरंक्षण के लिए सरकार से समय समय पर जितना भी पैसा आता है, उसे ईमानदारी और गौभक्ती के साथ यदि गौवंश सरंक्षण मुहिम खर्च किया जाए तो सड़को या खेतो में एक भी गाय, बछड़ा, नंदी आबारा घूमते नज़र नही आएगे परन्तु ऐसा होना मुमकिन नही क्यूंकि यदि ऐसा होने लगा तो गौभक्ती की दुकाने बंद हो जाएगी जिसे शायद ही तथाकथित/कथित जिम्मेदार नही चाहेगें!










