पालिका भूमि पर अबैध अतिक्रमण कर लोग कैसे कमाते लाखो रुपया!


पालिका प्रशासन लेशमात्र भी नही ले पाता है किराया!
CRS तिलहर/शाहजहाँपुर-नगर के स्टेशन रोड पर चीनीमिल की दीबार से लगी पालिका की भूमि खंती पर अबैध रूप से अतिक्रमण करके चल रही खोखा पटरी, किराए पर उठा कर पांच से 10 हजार प्रति माह कमा रही है लेकिन इसमें पालिका प्रशासन को किराए के नाम पर एक रुपया तक नही मिलता लेकिन बाहरी से भले ही तथाकथिक पालिका कर्मचारी बाहर कोई बसूली कर रहे हो, यह दूसरी बात है!
*सरकारी भूमि पर कैसे होता है अबैध अतिक्रमण और उससे कमाई-बताने वाले बताते हैं कि सरकारी खाली भूमि देख ग़रीबी की आड़ लेकर पहले पहल उस पर टट्टर या खोखा रख पान पुड़िया या अन्य कोई सामान रख दो जून रोटी की जुगाड़ का दिखावा कर चंद ही रोज़ में उस जगह को दूसरे के हाथो पांच से सात हजार रुपया रेंट पर दे दिया जाता है और फिर लेने वाला भी अगले चंद रोज में उसे तीसरे के हाथो 8 से 10 रुपया महाबार किराया बसूली का गोरख धंधा करना आरंभ कर देता है! फिर यह कहाबत चलती नज़र आती है कि हर्र लगे फिटकरी और रंग आवे चोखा!
*बताने वाले बताते हैं कि राधा टाकीज़ से लेकर रेलवे फाटक तक सबसे ज्यादा अतिक्रमण नज़र आता है जिसकी बजह से नगर के मुख्य मार्ग पर जाम की समस्या उस समय और बिकराल नज़र आती है जब चीनी मिल में गन्ना पिराई सत्र चालू हो जाता है, परन्तु सब कुछ जानने और समझने के बाद पालिका प्रशासन ने किसी निजि कम्पनी की सहभागिता कर राधा टाकीज के सामने चन्द लोहे के खोखे रखवा कर इतिश्री कर ली हांलिकि उक्त खोखा (बाजार) सड़क पर आगे कितना और अस्थाई अतिक्रमण करे इसका कोई मानक तय नही क्यूंकि इसे स्थानीय पुलिस भी अन्देखा कर चल रही है!
***सूत्रो की माने तो उक्त अतिक्रमण को हटाए जाने में प्रशासन और पालिका प्रशासन अनेको बार लोहे के चने चबा चुका है परन्तु सफलता नही मिल सकी क्यूंकि इन्ही खोखा पटरी से पालिका प्रशासन के कथित कर्माचारी हर माह अबैध धन बसूली कर उन्हे वहीं जमें रहने का दिलासा देते रहे है़!
**सरकार के पालिका राजस्व का हर माह बड़ा नुकसान-नगर पालिका परिषद अपनी भूमि को सरंक्षित कर स्टाल टाईप दुकाने बना कर उन्ही लोगो के कम किराए पर भी यदि उठा दें हर माह ईमानदारी से प्रशासन को खासा राजस्व मिल सकता है परन्तु लंका में भीभीषण के रहते और राजनीति सरंक्षण में गैर मिमकिन है यह सब होना जिससे पालिका के राजस्व को हर माह भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है!










