
एंकर.. रायबरेली के सलोन में पिछले माह सामने आये फ़र्ज़ी जन्म प्रमाणपत्र मामले में अभी तक की जांच के दौरान भाजपा विधायक और हिन्दू युवा वाहिनी के दावों को झटका लगा है। रायबरेली पुलिस ने इस मामले में छह और लोगों की गिरफ़्तारी के बाद दावा किया है कि अभी तक कि पूछताछ में सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए फ़र्ज़ी प्रमाणपत्र बनाये जा रहे थे। वहीँ सलोन भाजपा विधायक अशोक कोरी और हिन्दू युवा वाहिनी ने दावा किया था कि फ़र्ज़ी जन्म प्रमाणपत्र का रोहिंग्या कनेक्शन है और देश विरोधी गतिविधियों के लिए इन्हें बनाया जा रहा था। एसपी रायबरेली के मुताबिक एटीएस वाराणसी, गोरखपुर, मुरादाबाद, लखनऊ, बहराइच और प्रयागराज कि फील्ड यूनिट ने भौतिक एवं इलेक्ट्रोनिक माध्यमों कि गहन जांच के बाद छह लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ़्तारी के सम्बन्ध में एसपी ने जानकारी देते हुए बताया कि सोनभद्र से गोविन्द केसरी, संतकबीरनगर से आकाश कसौधन, गोरखपुर से सलमान अली, कुशीनगर से संजीव सिंह, प्रतापगढ़ से वैभव, और मुरादाबाद से शाहनवाज़ को गिरफ्तार किया गया है। एसपी ने बताया कि यह सभी लोग सलोन के सीएससी संचालक ज़ीशान के साथ व्हाट्सऐप ग्रुप पर जुड़कर ऐसे लोगों कि जानकारी साझा करते हैँ जिन्हें सरकारी योजनाओं या आधार कार्ड में संशोधन के लिए जन्म या मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाना चाहते हैँ। ज़ीशान ऐसे लोगों का प्रमाण पत्र ग्राम विकास अधिकारी की आई डी पासवर्ड का इस्तेमाल कर निर्गत कर देता था। इसके अतिरिक्त यह लोग इंटरनेट पर पड़ी हुई कुछ ऐसी साइट्स के माध्यम से भी प्रमाणपत्र निर्गत कर देते थे जो देखने में हू बहू असली लगते थे। एसपी ने इन साइट्स की जानकारी देते हुए बताया कि crssorg.gov व www.worknet.com से क्यू आर कोड का इस्तेमाल कर ये लोग देखने में असली जैसा प्रमाणपत्र निर्गत करते थे। एसपी अभिषेक अग्रवाल ने बताया कि यह सभी लोग सरकारी योजनाओं का लाभ लेने वालों का प्रमाणपत्र ज़्यादा पैसे लेकर तुरंत निकाल देते थे जबकि असली बनवाने में पूरी प्रक्रिया के दौरान काफी समय लगता है। हम बता दें कि पिछले माह सलोन में फ़र्ज़ी जन्म प्रमाणपत्र बनाये जाने के मामले में पुलिस ने सी एस सी संचालक ज़ीशान खान व ग्राम विकास अधिकारी समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया था। इन लोगों ने 19 हज़ार से ज़्यादा फ़र्ज़ी प्रमाणपत्र निर्गत किये थे। इसी मामले में छह अन्य लोगों को गिरफ्तार किया गया है।









