भवन मानचित्र के बिना, मोटे सेवा शुल्क के दम पर तो नही हो रहे व्यवसायिक भवन निर्माण..?
आम नागरिक, काम के लिए त्रस्त, रसूखदारी की सेवा में पालिका मस्त!
तिलहर/शाहजहाँपुर-नगर विनयमित्र क्षेत्र में भवन मानचित्र पास कराने के लिए फिल लगभग दो वर्षो से तहसील मु़ख्यालय पर कोई जेई मौजूद नही है! कानूनी तौर पर नगर में भवन निर्माण कराने के लिए मुश्किल खड़ी करने में नगर पालिका के कथित बाबू अपनी तिजोरी भरने के लिए निर्माण कार्य पर आपत्ति लगाने का हुनर जानते हैं परन्तु मुख्य सड़को पर भवन मानचित्र पास किए बिना व्यवसायिक भवन खुलेआम कैसे निर्माण हो जाते हैं यह बड़ा प्रश्न जरुर है लेकिन अंजान कोई नही! इसी क्रम में स्टेशन रोट वाईपास के गौशाला स्थित फिलहाल दो बड़ी दुकानो का निर्माण चल रहा है जबकि इससे पूर्व भी दोमंजिला एक दुकान खुले तौर पर निर्माण हो चुकी है!
सब कुछ नही लेकिन बहुत कुछ मानक के अनुसार तो चलना ही चाहिए लेकिन नही यह भी कथन उस समय गलत साबित लगता है जब आम तौर पर आमनागरिको को अपने छोटे छोटे कामो के लिए पालिका परिषद में महीनो चक्कर काटने के और सेवा शुल्क अदा करने के बाद भी कामयाबी नही मिलपाती, ऐसे कई उदाहरण जगजाहिर हैं!
इसके विपरीत, आमनागरिको से हट कर रसूखदारो व्यक्तित्व, मोटे दाम के बदले अपना काम बखूबी बाबुओं से कराने का हुनर रखता है भले ही वो गैरकानूनी काम ही क्यूं न हो! इन सब गैरकानूनी काम को कराने के लिए कथित बाबुओं के सहारे नीचे से ऊपर तक सब की कीमत लगा कर अदा कर दी जाती है भले ही पेपर पूरे हो या न हो!
सूत्रो की माने तो तिलहर नगर पालिका स्थित कथित बाबूओं व स्वयं अधिनस्तो द्वारा अधिकारियों को गुमराह कर गैरकानूनी मानक हीन निर्माण हो रहे हैं चल रहे हैं! कथित बाबू मोटी रकम के बदले रसूखदारी के गैरकानूनी कामो में एक प्रतिशत रोक लगाने की हिम्मत नही करते जबकि नगर का आमशहरी अपना लीगल काम कराने के लिए भी बाबूओं की खुशामत करता नज़र आता है!
बताया जाता है कि फिलहाल पालिका प्रशासन का सिस्टम सिंगल स्वयंभू के इशारो पर चलता नज़र आ रहा हैं चेयरपर्सन व ईओ का स्वयं का कोई फैसला नही परन्तु काग़जी तौर पर वो फैसला पालिका के जिम्मेदारो का ही माना जाता है!







