
ऊंचाहार, रायबरेली। उपनिबंधक कार्यालय की कारनामों की परते खुलती जा रही है। प्रति रजिस्ट्री में अवैध वसूली के साथ। एक मामले में भूमि पर इमारत बनी होने के बाद भी दफ्तर के काबिल अफसर और तीरथ लाल ने भ्रष्टाचार की सीढ़ी चढ़ते हुए एक लाख से अधिक की रिश्वत लेकर उस भूमि को प्लॉट दिखाकर उसका बैनामा कर दिया। शिकायत के बाद में स्टाम्प कमी से बचाने के एवज मोटी रकम लेने का आरोप है।
ऊंचाहार रजिस्ट्री दफ्तर में भूमि की रजिस्ट्री कराने आए लोगों को यहां इतना मानक बता दिया जाता है कि रजिस्ट्री करवाना उनके लिए असम्भव हो जाता है। किन्तु इसी रजिस्ट्री के लिए यदि जेब ढीली की जाए तो यही रजिस्ट्री आसानी से हो जाएगी। यहां तैनात तीरथ लाल के कई काले कारनामे हैं। इसने उपनिबंधक की सह पर हरिजन से अन्य बैनामा, साधारण बैनामा, कमर्शियल बैनामा, साधारण वसीयत, विवादित और गुप्त वसीयत, साधारण अनुबंध, विवादित अनुबंध, ट्रस्ट डीड समेत सभी मामलों में कराने के नाम पर तीरथ लाल ने एक रेट तय किया है। यदि आपको रजिस्ट्री कराना है तो रेट लिस्ट के अनुसार रिश्वत देना होगा अन्यथा रजिस्ट्री में इतने पेंच बता दिए जायेंगे की आप चकरा जाएंगे। लेकिन रिश्वत के दम पर आपको किसी मानक की आवश्यकता नहीं होगी
रजिस्ट्री कार्यालय में उपनिबंधक और उनके बाबू तथा भ्रष्टचार की बुनियाद संविदाकर्मी तीरथ लाल पर अबतक प्रति बैनामे में अवैध वसूली और नकल जारी करने के नाम पर, हरिजन से अन्य बैनामा कराने के मामले में फिक्स रेट पर धन उगाही की बात सामने आई है। अब इनके भ्रष्टाचार की एक और परत खुल गई है। परगना डलमऊ तहसील क्षेत्र ऊंचाहार के टांघन गांव स्थित एक भूमि पर बनी इमारत का बैनामा रजिस्ट्री दफ्तर के अधिकारियों ओर मैनेजमेंट कार्य देख रहे तीरथ लाल ने लाखों रुपए की रिश्वत लेकर इस भूमि का खाली प्लाट में बैनामा कर दिया। माह महीने में स्टाम्प कमी और अधिकारियों की सांठ गांठ की शिकायत हुई तो। आरोप है कि काबिल अफसरों ने बचाने के लिए 30 हजार रूपए से अधिक की फिर रिश्वत ले ली और मामले को फिर ठंडे बस्ते में डाल दिया।









