
CRS NEWS रायबरेली : उत्तर प्रदेश की सियासत में उस वक्त हलचल मच गई जब समाजवादी पार्टी (सपा) कार्यकर्ताओं ने काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के सिंह द्वार पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बयान के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। मुख्यमंत्री ने हाल ही में एक बयान में कहा था, “जहां दिखे सपाई, वहां बिटिया घबराई,” जिसका जवाब सपा कार्यकर्ताओं ने पोस्टर में लिखा, “यहां न दिखें भाजपाई, छात्राएं हैं घबराई।”
सपा कार्यकर्ताओं ने भाजपा और उसके आईटी सेल पर गंभीर आरोप लगाए, जिसमें उन्होंने कहा कि आईआईटी बीएचयू की एक छात्रा के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म के मामले में भाजपा आईटी सेल के कुछ पदाधिकारियों का नाम सामने आया है। लेकिन आरोपियों पर कार्रवाई करने के बजाय उन्हें मध्य प्रदेश में चुनाव प्रचार के लिए भेज दिया गया।
सपा नेताओं की प्रतिक्रियाएं
सपा लोहिया वाहिनी के महानगर अध्यक्ष संदीप मिश्रा ने मुख्यमंत्री के बयान की कड़ी निंदा करते हुए कहा, “मुख्यमंत्री को ऐसे बयान देने से पहले अपने कार्यकर्ताओं पर ध्यान देना चाहिए। गैंगरेप के आरोपी भाजपा आईटी सेल से जुड़े हैं, जिन पर अब तक कोई कड़ी कार्रवाई नहीं की गई।” उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर कटाक्ष करते हुए कहा कि उन्हें अपनी आंखों की जांच करानी चाहिए ताकि वे सच्चाई को देख सकें।
सपा नेता पूजा यादव ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा, “आईआईटी बीएचयू की छात्रा के साथ जो हुआ, उसके आरोपी भाजपा आईटी सेल के सदस्य हैं। इनकी तस्वीरें भाजपा के बड़े नेताओं के साथ देखी जा सकती हैं, जिससे उनकी पार्टी में अहमियत का अंदाजा होता है। पार्टी ऐसे आरोपियों को संरक्षण दे रही है और चुनाव प्रचार में भेज रही है।”
सियासी पारा चढ़ा
इस पोस्टर वार और विरोध प्रदर्शन के बाद वाराणसी में राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। सपा और भाजपा के बीच लगातार बढ़ रहे इस आरोप-प्रत्यारोप के कारण यूपी की राजनीति में सियासी खींचतान और बढ़ गई है, जो आने वाले दिनों में और भी तनावपूर्ण हो सकती है।









