
CRS NEWS रायबरेली। पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से रेलवे द्वारा रायबरेली रेलवे स्टेशन पर स्थापित की गई आधुनिक प्लास्टिक बोतल क्रशिंग मशीनें 97 दिन बीत जाने के बाद भी शुरू नहीं हो सकी हैं। मशीनों के संचालन में हो रही देरी से रेलवे की इस महत्वाकांक्षी योजना पर सवाल उठने लगे हैं।
रेलवे प्रशासन ने 12 मार्च को रायबरेली रेलवे स्टेशन पर कुल नौ प्लास्टिक बोतल क्रशिंग मशीनें स्थापित कराई थीं। शुरुआत में सभी मशीनों को प्लेटफॉर्म नंबर एक पर रखा गया था। बाद में इनमें से पांच मशीनें प्लेटफॉर्म नंबर एक तथा चार मशीनें संयुक्त प्लेटफॉर्म नंबर दो-तीन पर स्थापित कर दी गईं। हालांकि स्थापना के लगभग तीन महीने बाद भी यात्रियों को इन मशीनों का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
इन मशीनों का उद्देश्य स्टेशन परिसर में प्लास्टिक कचरे को कम करना तथा यात्रियों को प्लास्टिक बोतलों के उचित निस्तारण के लिए प्रेरित करना है। लेकिन संचालन शुरू न होने के कारण मशीनें केवल शोपीस बनकर रह गई हैं।
इधर रेलवे विभाग ने बछरावां, ऊंचाहार और लालगंज रेलवे स्टेशनों पर भी इसी प्रकार की मशीनें लगाने की तैयारी शुरू कर दी है। इसके लिए संबंधित टीम द्वारा सर्वेक्षण कार्य किया जा रहा है।
मुख्य स्वास्थ्य निरीक्षक प्रदीप कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि स्थापित की गई मशीनें कई आधुनिक विशेषताओं से लैस हैं और इनके माध्यम से प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन को प्रभावी बनाया जाएगा। हालांकि मशीनों के संचालन में हो रही देरी के कारण यात्रियों और स्थानीय लोगों में निराशा देखी जा रही है।
रेलवे यात्रियों का कहना है कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में यह सराहनीय पहल है, लेकिन मशीनों को जल्द से जल्द चालू किया जाना चाहिए ताकि इसका वास्तविक लाभ मिल सके










