
CRS NEWS AGENCY:- लोक जनशक्ति पार्टी (LJP) अब उत्तर प्रदेश की राजनीति में अपनी जड़ें जमाने के लिए पूरी तरह से एक्शन मोड में आ गई है। राजधानी लखनऊ के आलीशान होटल रेनेसां में पार्टी की प्रदेश कार्यसमिति की अहम बैठक आयोजित की गई। इस बैठक के बाद एलजेपी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान ने मीडिया से मुखातिब होते हुए यूपी को लेकर अपनी सियासी रणनीतियां साफ कर दी हैं।
पिता रामविलास पासवान को याद कर हुए भावुक
पत्रकारों से बातचीत करते हुए चिराग पासवान ने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी अब यूपी में पूरी ताकत से अपने संगठन का विस्तार करेगी। इस दौरान वे अपने पिता को याद कर भावुक भी नजर आए। चिराग ने कहा, “मेरे पिता स्वर्गीय रामविलास पासवान के हृदय में उत्तर प्रदेश बसता था, और यही वजह है कि यूपी हमेशा से हमारी प्रथम प्राथमिकता रहेगी।”
विपक्ष पर तीखा प्रहार: ‘संविधान और आरक्षण’ पर फैलाया भ्रम
चिराग पासवान ने विरोधी दलों पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने विपक्ष पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि चुनाव के वक्त जो लोग यह भ्रम फैला रहे थे कि ‘संविधान विफल हो जाएगा’ और ‘आरक्षण खत्म हो जाएगा’, वो विपक्ष आखिर अब कहां गायब हो गया है? उन्होंने विपक्ष पर बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर के नाम का राजनीतिकरण करने और उन्हें बदनाम करने का भी आरोप लगाया।
सीएम योगी आदित्यनाथ से अहम मुलाकात
यूपी के सियासी गलियारों के लिए एक बड़ी खबर यह भी रही कि चिराग पासवान ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) से भी शिष्टाचार मुलाकात की। खुद चिराग ने इस बात की पुष्टि करते हुए बताया कि सीएम योगी के साथ राज्य के कई अहम विषयों पर उनकी बेहद सकारात्मक बातचीत हुई है।
युवाओं पर फोकस और गांव-गांव ‘चौपाल’
पार्टी के विजन को लेकर चिराग ने अपनी रणनीति साफ करते हुए कहा:
- लोक जनशक्ति पार्टी हर वर्ग की पार्टी है और हर वर्ग के साथ मजबूती से खड़ी है।
- पार्टी के दरवाजे युवाओं के लिए हमेशा खुले हैं।
- जन-जन तक पहुंचने के लिए एलजेपी की तरफ से यूपी के अलग-अलग हिस्सों में लगातार ‘चौपालें’ लगाई जा रही हैं।
चुनावी शंखनाद: 400 से ज्यादा सीटों पर तैयारी
यूपी में चुनाव लड़ने के सवाल पर चिराग पासवान ने एक बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने बताया कि पार्टी यूपी की 405 (सभी) सीटों** पर चुनाव लड़ने की व्यापक तैयारी कर रही है। हालांकि, सूबे के इस महासंग्राम में पार्टी
किसके साथ मिलकर मैदान में उतरेगी?
इस पर चिराग ने अभी अपने पत्ते नहीं खोले हैं। गठबंधन का स्वरूप क्या होगा, यह फिलहाल भविष्य के गर्भ में है।






