CRS NEWS :- धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और केस वापसी के बाद छात्रों ने समाप्त किया 37 दिनों का आंदोलन। NEET परीक्षा विवाद को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर पिछले 37 दिनों से जारी छात्रों का ऐतिहासिक विरोध प्रदर्शन समाप्त हो गया है। सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच हुई तीन दौर की उच्चस्तरीय वार्ता के बाद छात्रों की मुख्य मांगों को स्वीकार कर लिया गया है, जिसके बाद आंदोलनकारियों ने अपना धरना वापस लेने का आधिकारिक ऐलान किया।
यहाँ जानिए जंतर-मंतर NEET प्रदर्शन के समापन, सरकार के आश्वासनों और इस पूरे घटनाक्रम से जुड़ी सभी बड़ी बातें:
1. केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा
प्रदर्शनकारी छात्रों की सबसे प्रमुख मांग शिक्षा मंत्रालय की जवाबदेही तय करने की थी। छात्र प्रतिनिधियों ने पुष्टि की कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। इस फैसले को छात्रों ने अपनी नैतिक और लोकतांत्रिक जीत बताया है।
2. प्रदर्शनकारियों पर दर्ज सभी FIR होंगी वापस
सरकार और छात्र नेताओं के बीच हुई बातचीत में कानूनी कार्रवाइयों को लेकर बड़ा समझौता हुआ:
केस वापसी: दिल्ली के साथ-साथ भाजपा शासित एवं सहयोगी राज्यों में प्रदर्शनकारियों और आयोजकों पर दर्ज की गई सभी FIR को वापस लेने पर सहमति बनी है।
भविष्य में सुरक्षा का आश्वासन: सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि इस आंदोलन में शामिल किसी भी छात्र या आयोजक के खिलाफ भविष्य में कोई दंडात्मक या कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी।
3. पीड़ित परिवारों को आर्थिक मुआवजा (Compensation)
NEET विवाद के कारण प्रभावित और पीड़ित परिवारों को राहत देने के लिए सरकार ने मुआवजा देने का ऐलान किया है:
नियमों और दिशानिर्देशों के तहत NEET पीड़ितों के परिवारों को मानद वित्तीय सहायता/मुआवजा (Honorary Compensation) प्रदान किया जाएगा।
4. शिक्षा सुधारों पर 5-सूत्रीय चार्टर (Educational Reforms)
केवल परीक्षा रद्द करने या इस्तीफे तक सीमित न रहकर, परीक्षा प्रणाली में स्थायी सुधार के लिए भी कदम उठाए गए हैं:
दोनों पक्षों के बीच 5-सूत्रीय एजेंडे (Five-Point Charter) पर सहमति बनी है, जो भारत की प्रतियोगी परीक्षाओं और व्यापक शैक्षिक ढांचे में सुधार पर केंद्रित है।
इस चार्टर पर विस्तृत चर्चा के लिए लगभग चार सप्ताह बाद एक अनुवर्ती (Follow-up) बैठक आयोजित की जाएगी।
5. छात्रों से शांतिपूर्वक घर लौटने की अपील
सरकार से लिखित व मौखिक आश्वासन मिलने के बाद छात्र प्रतिनिधियों ने जंतर-मंतर से आंदोलन समाप्त करने की घोषणा की। आयोजकों ने देश भर से आए सभी प्रदर्शनकारी छात्रों का आभार व्यक्त किया और उनसे शांतिपूर्ण तरीके से अपने-अपने घर और पढ़ाई की ओर लौटने का आग्रह किया।
निष्कर्ष: जंतर-मंतर पर 37 दिनों तक चला यह आंदोलन भारत के छात्र इतिहास में एक बड़ा मोड़ साबित हुआ है। सरकार द्वारा मांगों को स्वीकार किए जाने से न केवल छात्रों का भरोसा बहाल हुआ है, बल्कि आगामी समय में देश की राष्ट्रीय परीक्षा प्रणाली (National Examination System) में बड़े सुधारों का रास्ता भी साफ हुआ है।






