
CRS NEWS :- Ranchi Protest: अंधेरा होते ही छात्रों को बुरी तरह पीटा।
Ranchi : झारखंड की राजधानी Ranchi में JPSC (झारखंड लोक सेवा आयोग) और JSSC (झारखंड कर्मचारी चयन आयोग) की परीक्षाओं में सुधार और अपनी विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस द्वारा हिंसक लाठीचार्ज की घटना सामने आई है। इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से शेयर किया जा रहा है, जिसमें छात्रों पर हुए पुलिस बल प्रयोग की तस्वीरें और बयान दर्ज हैं।
शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर रात में कार्रवाई: छात्र झारखंड विधानसभा के पास शांतिपूर्वक अपनी मांगों को लेकर एकत्र हुए थे। बताया जा रहा है कि इस विरोध प्रदर्शन के लिए अधिकारियों से पूर्व अनुमति भी ली गई थी। हालांकि, जैसे ही अंधेरा हुआ, पुलिस ने अचानक प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग शुरू कर दिया।
योजनाबद्ध बर्बरता के आरोप: आंदोलनकारी छात्रों और उनके शिक्षकों का गंभीर आरोप है कि पुलिस ने जानबूझकर अंधेरा होने का इंतज़ार किया। उनका मानना है कि ऐसा इसलिए किया गया ताकि मुख्यधारा की मीडिया कवरेज न हो सके और घटना के वीडियो रिकॉर्ड न किए जा सकें।
अत्यधिक बल प्रयोग और पीछा कर मारपीट: छात्रों के अनुसार, पुलिस ने उन्हें खदेड़-खदेड़ कर पीटा। कई छात्र अपनी जान बचाने के लिए आसपास के खेतों और प्रसिद्ध जगन्नाथ मंदिर परिसर की ओर भागे, जहां पुलिसकर्मियों ने उन पर अंधाधुंध लाठियां बरसाईं। इस कार्रवाई में कई छात्र गंभीर रूप से घायल हो गए, उनके व्यक्तिगत सामान क्षतिग्रस्त हो गए और पुलिस अधिकारियों द्वारा कथित तौर पर अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया गया।
महिला पुलिसबल की अनुपस्थिति: महिला प्रदर्शनकारियों ने पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए शिकायत दर्ज कराई कि रात में की गई कार्रवाई के दौरान महिला पुलिसकर्मी मौके पर तैनात नहीं थीं। आरोप है कि पुरुष पुलिसकर्मियों ने ही महिला छात्रों पर लाठीचार्ज किया और उनके साथ अमर्यादित भाषा का प्रयोग किया।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं: इस घटना के बाद राज्य में राजनीतिक पारा चढ़ गया है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर ट्वीट कर छात्रों की मांगों का समर्थन किया और इस कार्रवाई की निंदा की। वहीं, रिपोर्ट दर्ज किए जाने तक राज्य सरकार की ओर से इस पूरे मामले पर आधिकारिक प्रतिक्रिया आना बाकी था।
JPSC और JSSC की परीक्षाओं में अनियमितताओं और देरी को लेकर छात्रों का गुस्सा पिछले कुछ समय से बढ़ रहा है। शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर हुई इस हिंसक कार्रवाई ने छात्रों के बीच असंतोष को और गहरा कर दिया है, जिससे प्रशासनिक कार्यप्रणाली और सुरक्षा बलों के रवैये पर कई गंभीर सवाल खड़े हो।






