सीएम डैशबोर्ड पर खराब रैंकिंग देख भड़के डीएम, अधिकारियों को लगाई कड़ी फटकार।
बोले-लापरवाही बर्दाश्त नहीं, लंबित परियोजनाएं जल्द हों पूरी; हर विभाग को ‘ए’ श्रेणी में लाने के निर्देश।


शाहजहांपुर, 11 अगस्त। मुख्यमंत्री डैशबोर्ड पर विकास योजनाओं की खराब रैंकिंग ने जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह का पारा चढ़ा दिया। विकास भवन सभागार में आयोजित मासिक समीक्षा बैठक में डीएम ने खराब प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई और स्पष्टीकरण तलब करने के निर्देश दिए। उन्होंने दो टूक कहा कि सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक में एनआरएलएम, मनरेगा, आईसीडीएस (पोषण अभियान), स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं और फैमिली आईडी समेत विभिन्न कार्यक्रमों की रैंकिंग की समीक्षा की गई। कई योजनाओं की स्थिति संतोषजनक न मिलने पर डीएम ने नाराजगी जताई और अधिकारियों को अपनी-अपनी योजनाओं की रैंकिंग ‘ए’ श्रेणी में लाने के निर्देश दिए।
लंबित कामों पर साप्ताहिक निगरानी के आदेश
जिलाधिकारी ने कहा कि प्रमुख योजनाओं और विकास कार्यों का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन सर्वोच्च प्राथमिकता है। निर्धारित समय सीमा के बाद कोई भी योजना अथवा परियोजना लंबित नहीं रहनी चाहिए। उन्होंने लंबित योजनाओं की साप्ताहिक समीक्षा कराने के निर्देश दिए।
डीएम ने अधिकारियों को मुख्यमंत्री डैशबोर्ड पर दर्ज सूचनाओं का नियमित सत्यापन करने और योजनाओं की प्रगति के आंकड़ों की समयबद्ध एवं सही फीडिंग सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि पोर्टल पर आंकड़ों की सही जानकारी उपलब्ध कराना भी संबंधित विभागीय अधिकारियों की जिम्मेदारी है।
बैठक के दौरान जिला ओटीडी (वन ट्रिलियन डॉलर) सेल की त्रैमासिक समीक्षा भी की गई। इसमें जिले की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने, जीडीपी में वृद्धि, निवेश, रोजगार, उत्पादन और सेवाओं से जुड़े विभागीय लक्ष्यों की समीक्षा हुई।
जिलाधिकारी ने कहा कि उत्तर प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य में जनपदों की अहम भूमिका है। प्रत्येक विभाग को अपने निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप प्रभावी कार्य करते हुए उत्पादन, रोजगार और निवेश को बढ़ावा देना होगा, ताकि जिले की अर्थव्यवस्था को गति मिल सके।
उन्होंने एलडीएम को अंडा उत्पादन के लिए प्राथमिकता के आधार पर ऋण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करते हुए प्रत्येक तिमाही में निर्धारित लक्ष्य हासिल करने के निर्देश दिए।
डीएम ने कहा कि योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन केवल सरकारी आंकड़ों तक सीमित न रहे, बल्कि उसका सीधा असर रोजगार, निवेश और जनपद की आर्थिक स्थिति पर दिखाई देना चाहिए।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी उत्कर्ष द्विवेदी, नगर मजिस्ट्रेट रजनीकांत, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. विवेक कुमार मिश्रा, पीडी डीआरडीए अवधेश राम, जिला विकास अधिकारी ऋषिपाल सिंह, डीसी मनरेगा यशोवर्धन सिंह समेत संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कार्यदायी संस्थाओं के अभियंता मौजूद रहे।






