
CRS NEWS:- Chandigarh border पर बवाल, कैदियों की रिहाई को लेकर प्रोटेस्टर्स ने बैरिकेड तोड़े।15 अगस्त 2026 को chandigarh-mohali सीमा पर कौमी इंसाफ मोर्चा के नेतृत्व में निकाला जा रहा एक विरोध मार्च उस समय तनावपूर्ण हो गया, जब प्रदर्शनकारियों ने चंडीगढ़ में प्रवेश करने का प्रयास किया। प्रदर्शनकारी लंबे समय से जेलों में बंद ‘बंदी सिंहों’ की रिहाई और पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की हत्या के दोषी जगतार सिंह हवाड़ा के लिए 10 दिनों की पैरोल की मांग कर रहे थे।
पुलिस कार्रवाई: पंजाब राजभवन की ओर बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए वाईपीएस चौक पर बैरिकेड्स लगाए गए थे। प्रदर्शनकारियों द्वारा बैरिकेड्स तोड़ने के प्रयास के बाद पुलिस ने उन्हें तितर-बितर करने के लिए वॉटर कैनन और आंसू गैस का इस्तेमाल किया।
प्रमुख नेता हिरासत में: शिरोमणि अकाली दल (अमृतसर) के अध्यक्ष सिमरनजीत सिंह मान को उस समय पुलिस ने हिरासत में ले लिया, जब वे राजभवन तक पहुंचने की कोशिश कर रहे थे।
प्रशासन का रुख: chandigarh की एसएसपी कंवर कौर के अनुसार, प्रशासन ने मोर्चे के आयोजकों के साथ दो सप्ताह तक बातचीत की थी और उन्हें वैकल्पिक विरोध स्थलों का सुझाव दिया था। हालांकि, संगठन ने प्रतिबंधित क्षेत्रों की ओर मार्च जारी रखा, जिसके बाद भीड़ को हटाने के लिए गैर-घातक बल का प्रयोग करना पड़ा।
21 अगस्त को ‘पंजाब बंद’ का आह्वान: इस घटनाक्रम और झड़प के बाद कौमी इंसाफ मोर्चा ने 21 अगस्त को ‘पंजाब बंद’ की घोषणा की है।
गौरतलब है कि पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने भी पूर्व में यह स्पष्ट किया है कि नागरिकों को शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन का अधिकार है, लेकिन यदि प्रदर्शन हिंसक रूप लेता है या सार्वजनिक सुरक्षा के लिए खतरा बनता है, तो प्रशासन आवश्यक कानूनी और सुरक्षात्मक कदम उठा सकता है।







