
CRS NEWS :- पाकिस्तान पर दोतरफा हमला, बढ़ी शहबाज़ सरकार की मुश्किलें। पाकिस्तान के भीतर गहराई से पैर पसारते गंभीर आंतरिक संकटों का विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत करता है। इसमें मुख्य रूप से दो बड़े राष्ट्रीय मुद्दों पर प्रकाश डाला गया है: पहला, पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) में दिन-प्रतिदिन उग्र होता स्वतंत्रता आंदोलन और दूसरा, बलूचिस्तान प्रांत में सुरक्षा बलों पर सशस्त्र उग्रवादी समूहों द्वारा किए जा रहे हिंसक हमले।
* बढ़ता जन आक्रोश: पूरे पाकिस्तान में वर्तमान हुकूमत और सैन्य प्रशासन के खिलाफ असंतोष की लहर चल रही है। 14 अगस्त 2026 को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर पीओके और बलूचिस्तान के स्थानीय निवासियों ने पाकिस्तानी झंडे का बहिष्कार करते हुए इसे “काला दिवस” (ब्लैक डे) के रूप में मनाया और भारी जनसैलाब के साथ विरोध प्रदर्शन किए।
* उग्रवादी गतिविधियों में तेजी: स्वतंत्रता दिवस की अवधि के दौरान बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) और अन्य स्थानीय अलगाववादी गुटों ने अपनी हिंसक गतिविधियों को काफी तेज कर दिया है। इन संगठनों ने सैन्य बुनियादी ढांचों, बिजली के टावरों और सरकारी अधिकारियों को निशाना बनाकर किए गए कई सिलसिलेवार हमलों की जिम्मेदारी स्वीकार की है।
* गंभीर सरकारी व प्रशासनिक अस्थिरता: देश के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और थल सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर इस दोहरे संकट के कारण अत्यधिक दबाव में हैं। विश्लेषकों और आलोचकों का मानना है कि सरकार का प्रांतीय क्षेत्रों से नियंत्रण पूरी तरह से छूट रहा है। इसके साथ ही, प्रशासन पर असहमति की आवाजों को दबाने और नागरिकों Cakeअत्यधिक बल प्रयोग करने के गंभीर आरोप भी लग रहे हैं।
* विपक्ष की ओर से राजनीतिक दबाव: पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी (पीटीआई) और उनके समर्थक लगातार बड़े पैमाने पर सरकार विरोधी आंदोलन आयोजित कर रहे हैं। इस राजनीतिक अस्थिरता को और गहरा करते हुए विपक्ष ने 27 सितंबर को इस्लामाबाद की ओर एक “निर्णायक लॉन्ग मार्च” निकालने की आधिकारिक घोषणा की है।
* क्षेत्रीय तनाव और कूटनीतिक रुख: अंतिम भाग में भारत-पाकिस्तान संबंधों और ऐतिहासिक सिंधु जल समझौते से जुड़ी हालिया बयानबाजी का जिक्र किया गया है। इसमें भारतीय राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल के उस सख्त बयान को रेखांकित किया गया है, जिसमें उन्होंने पाकिस्तान को किसी भी प्रकार की सीमा पार उकसावे वाली कार्रवाई या आतंकवाद के खिलाफ कड़ी चेतावनी दी है।







