
CRS NEWS :- डील खत्म होते ही ईरान के फैसले ने लगाई ‘आग’, टेंशन में ट्रंप। संयुक्त राज्य अमेरिका (US) और ईरान के बीच तनावपूर्ण भू-राजनीतिक (geopolitical) स्थिति पर चर्चा करता है। इस मुख्य संघर्ष का केंद्र होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) है, जो एक महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है और सैन्य गतिविधियों तथा आर्थिक दबाव का केंद्र बन गया है।
होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण: रिपोर्टों के अनुसार, ईरान और ओमान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में शिपिंग मार्गों को लेकर एक नया समझौता किया है। इसके तहत ईरान आने वाले जहाजों को नियंत्रित करेगा और ओमान जाने वाले ट्रैफ़िक का प्रबंधन करेगा। इससे ट्रम्प प्रशासन के साथ महत्वपूर्ण तनाव पैदा हो गया है, जो इस जलडमरूमध्य को एक महत्वपूर्ण रणनीतिक हित के रूप में देखता है।
आर्थिक और राजनीतिक दबाव: अमेरिका ने ईरान पर कड़े आर्थिक प्रतिबंध और नौसैनिक नाकेबंदी (naval blockades) लगाई है, जिससे दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाओं पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा है। आगामी मध्यावधि चुनावों (midterm elections) से पहले राष्ट्रपति ट्रम्प पर स्थिति को सुलझाने का दबाव है, क्योंकि तेल की बढ़ती कीमतें उनकी अप्रूवल रेटिंग को प्रभावित कर रही हैं।
परमाणु मुद्दा: कूटनीतिक प्रयासों के बावजूद, 17 जून को एक समझौता ज्ञापन (MOU) पर हस्ताक्षर किए गए थे, लेकिन युद्धविराम नाजुक बना हुआ है और बातचीत रुक गई है। राष्ट्रपति ट्रम्प ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को खत्म करने को प्राथमिकता दी है, जिससे अत्यधिक सैन्य उपायों के संभावित उपयोग सहित आगे तनाव बढ़ने की आशंकाएं व्यक्त की जा रही हैं।
भविष्य का दृष्टिकोण: विश्लेषक आगे तीन संभावित परिदृश्य देखते हैं: एक नया अंतरिम (interim) समझौता, बढ़ता आर्थिक दबाव जिसके कारण कोई सफलता मिल सकती है, या बातचीत का पूरी तरह से विफल होना जिसके परिणामस्वरूप फिर से सैन्य संघर्ष शुरू हो सकता है।







