
बिना अनुमति पहुंचे तो होगी कार्रवाई, फोटो-वीडियो बनाने पर भी प्रतिबंध; शिक्षकों को परेशान करने और धन उगाही की शिकायतों के बाद बीएसए ने जारी किया आदेश
CRS NEWS अयोध्या। जनपद के परिषदीय विद्यालयों में अब बाहरी व्यक्तियों, यू-ट्यूबर्स और सोशल मीडिया से जुड़े लोगों के अनधिकृत प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी लालचंद ने बुधवार, 19 अगस्त को इस संबंध में आदेश जारी करते हुए सभी प्रधानाध्यापकों और संबंधित कर्मचारियों को निर्देश दिए हैं कि बिना सक्षम अधिकारी की पूर्व अनुमति के किसी भी बाहरी व्यक्ति को विद्यालय परिसर में प्रवेश न दिया जाए।
विभाग के आदेश के मुताबिक, विद्यालय परिसर में बिना अनुमति फोटो और वीडियो बनाने पर भी प्रतिबंध रहेगा। यदि कोई व्यक्ति अनुमति के बिना विद्यालय में प्रवेश करता है या रोकने के बावजूद जबरन परिसर में घुसने का प्रयास करता है, तो उसके खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। विभाग ने ऐसी स्थिति में सरकारी कार्य में बाधा डालने के आरोप में मुकदमा दर्ज कराने की बात कही है।
शिक्षकों को परेशान करने की शिकायतों के बाद फैसला
बीएसए लालचंद के अनुसार, विभाग को लगातार ऐसी शिकायतें मिल रही थीं कि कुछ बाहरी लोग पत्रकारिता अथवा सोशल मीडिया कवरेज के नाम पर विद्यालयों में पहुंचकर शिक्षकों को अनावश्यक रूप से परेशान करते हैं। आरोप है कि कुछ लोग यू-ट्यूब और सोशल मीडिया पर सामग्री प्रसारित करने के नाम पर विद्यालय पहुंचते हैं और शिक्षकों से पूछताछ या वीडियो रिकॉर्डिंग करते हैं।
विभाग के सामने यह शिकायत भी आई कि कुछ लोग पत्रकारिता के नाम पर सोशल मीडिया को कमाई का जरिया बनाकर विद्यालयों में पहुंचते हैं और शिक्षकों पर दबाव बनाते हैं। कुछ मामलों में धन उगाही जैसे आरोप भी सामने आने की बात कही गई है। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए बेसिक शिक्षा विभाग ने विद्यालयों में अनधिकृत प्रवेश और रिकॉर्डिंग पर सख्ती बरतने का निर्णय लिया है।
अनुमति के बिना कवरेज नहीं
नए आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यदि किसी व्यक्ति को विद्यालय से संबंधित किसी मामले में जानकारी प्राप्त करनी है, निरीक्षण करना है या समाचार/वीडियो कवरेज करनी है, तो उसे पहले जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अथवा सक्षम अधिकारी से अनुमति लेनी होगी। अनुमति मिलने के बाद ही विद्यालय परिसर में प्रवेश किया जा सकेगा।
विद्यालयों में तैनात प्रधानाध्यापकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे आदेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें और किसी भी अनधिकृत व्यक्ति को विद्यालय परिसर में प्रवेश न करने दें। साथ ही विद्यालय में शिक्षण कार्य प्रभावित न हो, इसका भी विशेष ध्यान रखने को कहा गया है।
प्रिंट और राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक मीडिया को लेकर अलग स्थिति
विभाग की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया है कि आदेश का उद्देश्य अधिकृत मीडिया गतिविधियों पर रोक लगाना नहीं है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार प्रिंट मीडिया के समाचार पत्रों और राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से जुड़े पत्रकारों पर यह प्रतिबंध लागू नहीं बताया गया है। हालांकि विद्यालय परिसर में प्रवेश और कवरेज के दौरान विभागीय नियमों का पालन करना आवश्यक होगा।
शिक्षण व्यवस्था प्रभावित न हो, विभाग की प्राथमिकता
बीएसए लालचंद ने कहा कि विद्यालयों में शिक्षण व्यवस्था को सुचारु बनाए रखना विभाग की प्राथमिकता है। शिक्षक और विद्यार्थी बिना अनावश्यक व्यवधान के अपने शैक्षणिक कार्य पर ध्यान दे सकें, इसके लिए विद्यालय परिसर में अनधिकृत लोगों की आवाजाही पर नियंत्रण जरूरी है।
विभाग ने सभी प्रधानाध्यापकों और संबंधित कर्मचारियों को आदेश का पालन कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही चेतावनी दी गई है कि बिना अनुमति विद्यालय में प्रवेश करने, फोटो-वीडियो बनाने अथवा सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न करने की स्थिति में संबंधित व्यक्ति के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
हालांकि, इस आदेश के बाद यह भी चर्चा शुरू हो गई है कि विद्यालयों में पारदर्शिता और मीडिया की स्वतंत्र कवरेज के बीच संतुलन किस तरह कायम रखा जाएगा। विभाग का कहना है कि अधिकृत और नियमानुसार होने वाली कवरेज के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत अनुमति ली जा सकती है।






