
रास्ते की बदहाली के बीच 55 में 42 बच्चे मिले उपस्थित, दोनों शिक्षामित्रों ने संभाली विद्यालय की जिम्मेदारी
CRS NEWS शाहजहांपुर/जैतीपुर। जिलाधिकारी के निर्देश पर जिला विकास अधिकारी ऋषिपाल सिंह ने गुरुवार को विकासखंड जैतीपुर क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय शाहाबाद का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान विद्यालय में शिक्षकों की उपस्थिति और शैक्षणिक व्यवस्थाओं की स्थिति का जायजा लिया गया। इस दौरान विद्यालय में तैनात दोनों अध्यापक अनुपस्थित मिले, जबकि दोनों शिक्षामित्र विद्यालय में मौजूद पाए गए और बच्चों की देखरेख करते मिले।
विद्यालय में कुल 55 बच्चों का नामांकन दर्ज है, जिसके सापेक्ष निरीक्षण के समय 42 बच्चे उपस्थित मिले। विद्यालय में दो शिक्षक और दो शिक्षामित्र तैनात हैं। निरीक्षण के दौरान दोनों शिक्षामित्र बच्चों को संभालते हुए विद्यालय की व्यवस्थाओं को संचालित करते मिले। वहीं, दोनों अध्यापक विद्यालय में मौजूद नहीं थे। शिक्षकों की ओर से उनके अवकाश पर होने की जानकारी दी गई।
रास्ते की बदहाली भी बनी परेशानी
निरीक्षण के दौरान विद्यालय तक पहुंचने वाले रास्ते की स्थिति भी संतोषजनक नहीं मिली। विद्यालय के दोनों ओर निजी भूमि होने के कारण रास्ते का निर्माण नहीं हो पाने की बात सामने आई। ग्रामीणों और विद्यालय आने वाले बच्चों को खराब रास्ते के कारण आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ता है। बरसात के मौसम में समस्या और अधिक बढ़ने की संभावना जताई गई।
विद्यालय तक पहुंचने के लिए समुचित मार्ग नहीं होने से बच्चों, शिक्षकों और अभिभावकों को भी दिक्कत होती है। ऐसे में विद्यालय की नियमित गतिविधियों और बच्चों की उपस्थिति पर भी इसका असर पड़ सकता है।
व्यवस्थाओं में सुधार के दिए निर्देश
जिला विकास अधिकारी ने निरीक्षण के दौरान विद्यालय की साफ-सफाई, बच्चों की उपस्थिति, शिक्षकों की स्थिति सहित अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से विद्यालय की समस्याओं की जानकारी लेते हुए आवश्यक कार्रवाई और व्यवस्थाओं में सुधार के निर्देश दिए।
निरीक्षण में दोनों अध्यापकों की अनुपस्थिति को भी गंभीरता से लिया गया है। हालांकि शिक्षकों द्वारा अवकाश पर होने की जानकारी दी गई, लेकिन उनकी अनुपस्थिति से संबंधित अभिलेखों और अनुमति की स्थिति के आधार पर विभागीय स्तर पर आगे की कार्रवाई तय किए जाने की संभावना है।
जिला विकास अधिकारी ने निरीक्षण के संबंध में अपनी आख्या जिलाधिकारी को सौंप दी है। अब रिपोर्ट के आधार पर विद्यालय में शिक्षकों की अनुपस्थिति और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर जिम्मेदारी तय होने की संभावना है।
निरीक्षण के बाद विद्यालय में मौजूद शिक्षामित्रों द्वारा बच्चों की देखरेख किए जाने की स्थिति भी सामने आई। विभागीय अधिकारियों के लिए अब यह चुनौती होगी कि विद्यालय में शिक्षकों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के साथ-साथ बच्चों के आवागमन के लिए रास्ते की समस्या का भी स्थायी समाधान कराया जाए।






