
मुख्य रास्ता बना जलाशय, मरीजों को चारपाई पर ले जाने की नौबत; ग्रामीणों ने तहसील प्रशासन पर लगाया अनदेखी का आरोप
CRS NEWS रायबरेली महराजगंज तहसील क्षेत्र के मदनिया गांव में जलनिकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने से ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। गांव के मुख्य रास्ते पर कई दिनों से कमर तक पानी भरा होने के कारण ग्रामीणों को इसी पानी के बीच से होकर आवागमन करना पड़ रहा है। जलभराव ने आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। ग्रामीणों का आरोप है कि समस्या गंभीर होने के बावजूद तहसील प्रशासन की ओर से अब तक कोई जिम्मेदार अधिकारी मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लेने नहीं आया है।
ग्रामीणों के मुताबिक, गांव के मुख्य मार्ग पर पानी इतना अधिक भर गया है कि पैदल निकलना भी जोखिम भरा हो गया है। बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा परेशानी उठानी पड़ रही है। रोजमर्रा के जरूरी कामों के लिए ग्रामीणों को पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है। कई स्थानों पर सड़क और आसपास के हिस्से में जलभराव के कारण यह पता लगाना मुश्किल हो गया है कि सड़क कहां है और गड्ढा कहां।
बीमार और बुजुर्गों के लिए बढ़ी परेशानी
जलभराव के कारण बीमार और बुजुर्ग लोगों की स्थिति सबसे अधिक चिंताजनक बताई जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि किसी व्यक्ति की तबीयत अचानक बिगड़ जाए तो गांव तक एंबुलेंस पहुंचना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में मरीज को चारपाई पर लादकर जलभराव वाले रास्ते से मुख्य मार्ग तक ले जाना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि बरसात के मौसम में यह समस्या किसी बड़ी दुर्घटना का कारण भी बन सकती है।
वहीं, स्कूली बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है। पानी के बीच से होकर बच्चों को स्कूल जाने में परेशानी होती है। अभिभावकों को बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी रहती है। ग्रामीणों के मुताबिक, लगातार जलभराव रहने से मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ गया है और संक्रामक बीमारियों का खतरा बना हुआ है।
जलनिकासी की व्यवस्था नहीं होने से बढ़ी समस्या
ग्रामीणों का कहना है कि गांव में पानी की निकासी के लिए पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। बारिश का पानी रास्ते पर जमा हो जाता है और समय पर बाहर नहीं निकल पाता। जलनिकासी की व्यवस्था दुरुस्त न होने से थोड़ी बारिश के बाद ही हालात खराब हो जाते हैं। ग्रामीण लंबे समय से समस्या के स्थायी समाधान की मांग करते आ रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
जनप्रतिनिधियों से भी ग्रामीण नाराज
जलभराव की समस्या को लेकर ग्रामीणों में जनप्रतिनिधियों के प्रति भी नाराजगी है। ग्रामीणों का कहना है कि चुनाव के दौरान नेता गांव में पहुंचकर विकास और समस्याओं के समाधान के वादे करते हैं, लेकिन चुनाव समाप्त होने के बाद गांव की मूलभूत समस्याओं की ओर ध्यान नहीं दिया जाता।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि बछरावां विधानसभा क्षेत्र के सपा विधायक श्याम सुंदर भारती भी गांव के मार्ग से गुजरते हैं, लेकिन जलभराव से परेशान ग्रामीणों की समस्या जानने के लिए गांव में रुककर स्थिति देखने की जरूरत नहीं समझी गई। हालांकि विधायक या संबंधित जनप्रतिनिधि का पक्ष इस संबंध में उपलब्ध नहीं हो सका है।
तहसील प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों ने तहसील प्रशासन से तत्काल मौके पर पहुंचकर जलभराव की स्थिति का निरीक्षण कराने, पानी की निकासी की व्यवस्था करने और रास्ते को आवागमन योग्य बनाने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते पानी की निकासी नहीं कराई गई तो समस्या और गंभीर हो सकती है।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि लगातार जलभराव के कारण किसी आपात स्थिति में यदि मरीज को समय पर चिकित्सा सुविधा नहीं मिल पाई तो इसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि अस्थायी रूप से पंप लगाकर पानी निकलवाने के साथ-साथ स्थायी जलनिकासी व्यवस्था और सड़क के उचित निर्माण की योजना भी तैयार की जाए, ताकि हर वर्ष बरसात में ग्रामीणों को इसी समस्या का सामना न करना पड़े।







