शाहजहाँपुर में उद्यान विकास योजनाओं की समीक्षा: किसानों को ड्रिप सिंचाई पर 90% तक अनुदान और भामाशाह कोष से राहत।
शाहजहाँपुर। कलेक्ट्रेट परिसर स्थित बिस्मिल सभागार में मुख्य विकास अधिकारी उत्कर्ष द्विवेदी की अध्यक्षता में जिला मिशन समिति एवं जिला स्तरीय समन्वय व अनुश्रवण समिति की महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। बैठक में जनपद के किसानों को औद्यानिक विकास योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ पहुँचाने और आलू उत्पादकों की आय बढ़ाने के लिए कई बड़े निर्णय लिए गए।
जिला उद्यान अधिकारी पुनीत कुमार पाठक ने बताया कि एकीकृत बागवानी विकास मिशन (MIDH), मुख्यमंत्री राज्य औद्यानिक विकास योजना (CMSHM) और पर ड्रॉप मोर क्रॉप-माइक्रोइरीगेशन जैसी योजनाओं के तहत किसानों को सब्सिडी प्रदान की जा रही है। ड्रिप और मिनी स्प्रिंकलर सिस्टम लगाने पर लघु व सीमांत किसानों को 90 प्रतिशत और अन्य किसानों को 80 प्रतिशत का अनुदान दिया जा रहा है।
आलू भण्डारण व भामाशाह कोष: चालू वित्तीय वर्ष में आलू उत्पादकों के लिए भामाशाह भाव स्थिरता कोष और निजी शीतगृहों में भंडारण प्रभार पर अनुदान योजना लागू की गई है। इसके तहत पात्र किसानों को अधिकतम ₹20,000 प्रति कृषक देय होगा।
निर्यात प्रोत्साहन योजना: ‘उ०प्र० राज्य औद्यानिक निर्यात प्रोत्साहन योजना’ के माध्यम से स्थानीय उद्यान उत्पादों की राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मांग पैदा कर किसानों की आय दोगुनी करने का लक्ष्य है।
एफपीओ (FPO) का गठन: मुख्य विकास अधिकारी ने निर्देश दिए कि आलू निर्यात को बढ़ावा देने के लिए क्लस्टर विकसित कर अधिक से अधिक ‘कृषक उत्पादक संगठन’ (FPO) गठित किए जाएं।
जैविक खेती और पंजीकरण: शीतगृह स्तर पर ही किसानों का पंजीकरण सुनिश्चित कराया जाएगा। साथ ही कृषि, एपीडा और उद्यान विभाग मिलकर किसानों को जैविक खेती की ओर प्रेरित करेंगे।
बैठक में उप कृषि निदेशक पी.के. मिश्रा, जिला कृषि अधिकारी बी.के. किशोर, जिला कृषि रक्षा अधिकारी संजय कुमार सहित विद्युत, पीडब्ल्यूडी के अधिकारी, मंडी सचिव और जनपद के कई प्रगतिशील किसान व शीतगृह स्वामी उपस्थित रहे।
क्या आप इस समाचार में कोई विशेष बदलाव करवाना चाहते हैं या इसे किसी खास सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के लिए छोटा करना चाहते हैं?






