
CRS NEWS :- UP के हमीरपुर में Gen-Alpha का प्रदर्शन: DM ऑफिस पहुंचे बच्चे।
हमीपुर, उत्तर प्रदेश — उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले में अपने गांव की जर्जर और खस्ताहाल सड़क से परेशान स्कूली बच्चों ने ग्रामीणों के साथ मिलकर प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। हाथ में तिरंगा थामे दर्जनों छात्र और ग्रामीण लगभग 5 किलोमीटर का लंबा पैदल सफर तय कर सीधे जिला कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचे और जोरदार प्रदर्शन किया। यह आक्रोश 1.5 किलोमीटर लंबी उस ग्रामीण सड़क को लेकर है, जो हर बारिश के मौसम में कीचड़ और दलदल के मैदान में तब्दील हो जाती है।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि वे अधिकारियों के चक्कर काटकर और झूठे आश्वासनों से तंग आ चुके हैं। छात्रों के अनुसार, इस दलदली रास्ते की वजह से उनकी पढ़ाई पर गहरा असर पड़ रहा है। हर दूसरे दिन कीचड़ में गिरने से उनकी स्कूल ड्रेस, जूते और बैग में रखी किताबें पूरी तरह खराब हो जाती हैं। अपनी मूलभूत समस्या की तरफ ध्यान खींचने के लिए अंततः बच्चों को खुद सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर होना पड़ा।
₹1.81 करोड़ की परियोजना का आश्वासन
कलेक्ट्रेट पहुंचे बच्चों और ग्रामीणों ने प्रशासनिक अधिकारियों से जल्द से जल्द पक्की सड़क बनवाने की माँग की। मामले की गंभीरता को देखते हुए अपर जिलाधिकारी (ADM) ने प्रदर्शनकारियों से वार्ता की। उन्होंने कहा कि प्रशासन इस मुद्दे के प्रति पूरी तरह संवेदनशील है और ग्रामीणों की परेशानी को समझता है।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, इस 1.5 किलोमीटर लंबी सड़क के पक्कीकरण के लिए लगभग ₹1.81 करोड़ की एक कार्ययोजना तैयार की गई है। अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि जैसे ही अंतिम बजटीय एवं प्रशासनिक स्वीकृति की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी, सड़क का निर्माण कार्य शुरू करवा दिया जाएगा।
बच्चों के इस्तेमाल का आरोप
एक तरफ जहाँ एडीएम ने सड़क सुरक्षा और जनसुविधाओं के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई, वहीं दूसरी तरफ उन्होंने प्रदर्शन के तरीके पर सवाल भी उठाए। अधिकारी ने आशंका जताई कि कुछ लोग अपने निजी या राजनीतिक स्वार्थ को सिद्ध करने के लिए बच्चों का सहारा ले रहे हैं और आंदोलन को भड़काने की कोशिश कर रहे हैं।
दूसरी ओर, ग्रामीणों और छात्रों ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उनका इरादा केवल अपनी बुनियादी समस्या को उजागर करना है। उनकी एकमात्र माँग है कि बच्चों को एक सुरक्षित और पक्की सड़क मिले ताकि वे बिना किसी बाधा के स्कूल जा सकें।






