
CRS NEWS नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली स्थित प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर/कटआउट के सामने पूजा-अर्चना और आरती किए जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री के नाम पर तैयार की गई ‘भगवान नरेंद्र मोदी चालीसा’ का पाठ भी किया गया। वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इसे लेकर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं और मामला चर्चा का विषय बन गया है।
बताया जा रहा है कि यह कार्यक्रम 20 अगस्त 2026 को दिल्ली के प्रेस क्लब ऑफ इंडिया परिसर में आयोजित हुआ था। कार्यक्रम में बिहार राज्य किन्नर कल्याण बोर्ड के उपाध्यक्ष डॉ. राजन सिंह प्रमुख रूप से मौजूद रहे। आयोजन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भगवान के स्वरूप में प्रस्तुत किया गया और उनके नाम से तैयार चालीसा का पाठ किया गया। मंच पर भगवान श्रीराम की तस्वीर के साथ प्रधानमंत्री मोदी का चेहरा लगाकर बनाई गई तस्वीर भी रखे जाने की बात सामने आई है।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
कार्यक्रम के वीडियो में कुछ लोग प्रधानमंत्री मोदी की तस्वीर के सामने आरती करते और धार्मिक अंदाज में चालीसा का पाठ करते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद इस आयोजन को लेकर राजनीतिक और सामाजिक बहस शुरू हो गई। जहां प्रधानमंत्री के समर्थक इसे उनके प्रति सम्मान और श्रद्धा से जोड़कर देख रहे हैं, वहीं आलोचकों ने इसे राजनीतिक व्यक्ति की धार्मिक पूजा किए जाने का मामला बताते हुए सवाल खड़े किए हैं।
बिहार में मंदिर बनाने का भी किया गया है ऐलान
इस पूरे मामले की कड़ी बिहार में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम पर मंदिर बनाने की घोषणा से भी जुड़ रही है। बिहार राज्य किन्नर कल्याण बोर्ड के उपाध्यक्ष डॉ. राजन सिंह पहले ही पटना में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को समर्पित मंदिर बनाने की बात कह चुके हैं। रिपोर्टों के मुताबिक इसके लिए करीब पांच एकड़ जमीन और लगभग 112 करोड़ रुपये की लागत का प्रस्ताव बताया गया है।
राजन सिंह ने प्रधानमंत्री मोदी को भगवान श्रीराम का अवतार बताते हुए उनके प्रति श्रद्धा व्यक्त की थी। उनका कहना है कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए किए गए कार्यों के सम्मान में यह मंदिर बनाया जाएगा।
प्रेस क्लब ने आयोजन से किया किनारा
वीडियो वायरल होने के बाद प्रेस क्लब ऑफ इंडिया ने स्पष्ट किया कि यह कार्यक्रम क्लब की ओर से आयोजित नहीं किया गया था। प्रेस क्लब के मुताबिक, एक संगठन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के लिए परिसर का हॉल किराये पर लिया था। बाद में जब वहां निर्धारित शर्तों का उल्लंघन करते हुए इस तरह की गतिविधि की जानकारी मिली तो क्लब के अधिकारियों ने हस्तक्षेप कर कार्यक्रम को रुकवा दिया।
राजनीतिक बहस के बीच बढ़ी चर्चा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पूजा, आरती और ‘मोदी चालीसा’ के पाठ का वीडियो अब सोशल मीडिया पर बहस का केंद्र बन गया है। समर्थक इसे प्रधानमंत्री के प्रति व्यक्तिगत आस्था और सम्मान से जोड़ रहे हैं, जबकि विरोधी इसे व्यक्तिपूजा और राजनीतिक चाटुकारिता का उदाहरण बता रहे हैं। हालांकि, इस आयोजन को लेकर प्रेस क्लब ने खुद को इससे अलग कर लिया है।
फिलहाल इस वायरल वीडियो ने एक बार फिर यह बहस तेज कर दी है कि लोकतांत्रिक राजनीति में किसी निर्वाचित जनप्रतिनिधि के प्रति व्यक्तिगत श्रद्धा और सार्वजनिक राजनीतिक गतिविधि की सीमाएं क्या होनी चाहिए।






