
मलबे में दबकर गई मासूमों समेत 11 की जान, कई घायल; धमाके से आसपास के मकान भी क्षतिग्रस्त।
CRS NEWS कौशांबी। मनौरी क्षेत्र में सोमवार को कथित अवैध रूप से संचालित पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट ने पूरे इलाके को दहला दिया। तेज धमाके के बाद फैक्ट्री में आग लग गई और देखते ही देखते पूरा परिसर मलबे में तब्दील हो गया। हादसे में 11 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई लोग घायल बताए जा रहे हैं। मृतकों में कई मासूम बच्चे भी शामिल हैं। घटना के बाद मौके पर चीख-पुकार और अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
धमाका इतना शक्तिशाली था कि इसकी आवाज दूर-दूर तक सुनाई दी। आसपास के लोग घटनास्थल की ओर दौड़े तो वहां मलबा और धुएं का गुबार दिखाई दिया। सूचना मिलते ही पुलिस, दमकल और प्रशासनिक अधिकारियों की टीमें मौके पर पहुंचीं। राहत और बचाव कार्य शुरू कर मलबे में दबे लोगों की तलाश की गई।
मासूमों समेत 11 ने गंवाई जान
हादसे में जान गंवाने वालों में प्रियांजलि (5), प्रवीण सिंह (13), जाह्नवी (12), आदित्य (12), रवि (8), ज्ञान सिंह (40), आदित्य (8), अंजू (32), विक्रम सरोज (35), अंश (6) और नन्हा (4) शामिल बताए गए हैं। कई बच्चों की मौत से पूरे क्षेत्र में मातम पसरा है। मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
मलबा हटाकर चला राहत अभियान
विस्फोट के बाद फैक्ट्री के आसपास मलबा फैल गया। बचाव दल ने मशीनों की मदद से मलबा हटाकर अंदर फंसे लोगों को बाहर निकाला। घायलों को तत्काल अस्पताल भेजा गया। प्रशासन की ओर से घटनास्थल पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है।
फैक्ट्री संचालन और सुरक्षा मानकों पर सवाल
हादसे के बाद पटाखा निर्माण और विस्फोटक सामग्री के भंडारण को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। यह भी जांच का विषय है कि फैक्ट्री के संचालन के लिए आवश्यक अनुमति थी या नहीं और वहां सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा था अथवा नहीं। पुलिस और प्रशासन हादसे के वास्तविक कारणों की जांच में जुटे हैं।
सीएम योगी ने जताया शोक
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हादसे पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताई। उन्होंने अधिकारियों को राहत एवं बचाव कार्य में तेजी लाने तथा घायलों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने भी घटना पर शोक व्यक्त किया।
हादसे ने एक बार फिर अवैध पटाखा निर्माण और विस्फोटक सामग्री के भंडारण की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासनिक जांच के बाद ही हादसे की पूरी वजह और जिम्मेदार लोगों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।







