CRS NEWS AGENCY :-
बरेली: उत्तर प्रदेश के बरेली जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ खुद को हिंदू संगठन का नेता बताने वाले ऋषभ ठाकुर को पुलिस ने ब्लैकमेलिंग और अवैध वसूली के आरोप में गिरफ्तार किया है। ऋषभ पर एक स्पा सेंटर की मालकिन को डराने-धमकाने और उससे मोटी रकम वसूलने का आरोप है।
बारादरी पुलिस के अनुसार, ऋषभ ठाकुर और उसके साथियों ने एक स्पा मालकिन को निशाना बनाया था। मामला तब गरमाया जब ऋषभ और उसके सहयोगी आशु यादव का एक ऑडियो क्लिप वायरल हो गया। इस ऑडियो में ऋषभ, स्पा मालकिन को धमकी देते हुए एक “स्टिंग वीडियो” डिलीट करने के बदले 40,000 रुपये की मांग कर रहा था। उसने यह भी धमकी दी कि यदि पैसे नहीं दिए गए, तो वह उसका स्पा नहीं चलने देगा।
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए ऋषभ को गिरफ्तार कर लिया है। जांच में यह भी सामने आया कि:
ऋषभ ठाकुर को पहले ही छह महीने के लिए जिला बदर (तड़ीपार) किया गया था।
जिला बदर होने के बावजूद वह बरेली की सीमा में अवैध रूप से रह रहा था और आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त था।
पुलिस ने ऋषभ सहित पांच अन्य लोगों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है।
ऋषभ की गिरफ्तारी के बाद उसकी बहन ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर पुलिसिया कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। उसका दावा है कि उसका भाई निर्दोष है और उसकी जिला बदर की अवधि समाप्त हो चुकी थी।
दूसरी ओर, हिंदू संगठनों ने इस मामले से पूरी तरह पल्ला झाड़ लिया है। हिंदू जागरण मंच सहित अन्य संगठनों ने स्पष्ट किया है कि:
ऋषभ ठाकुर और आशु यादव को बहुत पहले ही संगठन से
निष्कासित किया जा चुका है।
संगठन के पदाधिकारियों ने पुलिस से मांग की है कि ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए जो धर्म और संगठन के नाम का दुरुपयोग कर छवि खराब करते हैं। बरेली पुलिस अब इस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश कर रही है और यह जांच रही है कि इन्होंने अब तक और कितने लोगों को ब्लैकमेल किया है।










