
हरदोई। विकासखंड पिहानी के अब्दुल्ला नगर में दूसरी बार आयोजित जन्माष्टमी महोत्सव का शुभारंभ सोमवार को धार्मिक आस्था और उल्लास के माहौल में हुआ। चार दिवसीय महोत्सव के पहले दिन मथुरा-वृंदावन से आए कलाकारों ने रासलीला और भजनों की मनमोहक प्रस्तुतियां देकर श्रद्धालुओं को देर रात तक बांधे रखा। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीणों और श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी।
महोत्सव स्थल को आकर्षक पर्दों, रंग-बिरंगी झालरों और रोशनी से भव्य रूप से सजाया गया था। कार्यक्रम शुरू होते ही पूरा परिसर श्रीकृष्ण के भजनों से गूंज उठा। राधा-कृष्ण के बाल स्वरूप की झांकी के दर्शन के बाद रामकुमार गुप्ता, मूलचंद शुक्ला, कमलेश यादव, द्वारिका यादव और रामलाल सहित गणमान्य लोगों ने आरती उतारकर रासलीला का शुभारंभ किया।
मथुरा-वृंदावन से आए कलाकारों ने श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप से लेकर विभिन्न लीलाओं का जीवंत मंचन किया। बाल गोपाल की माखन चोरी लीला, राधा-कृष्ण की रासलीला और कंस की लीला ने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। वहीं गांव के कलाकारों ने भी विभिन्न धार्मिक झांकियों की सुंदर प्रस्तुतियां दीं। मंचन के दौरान दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट से कलाकारों का उत्साह बढ़ाया।
*भजन मंडली ने श्री राधे-राधे बोल श्याम भागे चले आएंगे*’
*’यशोदा का नंदलाला, ब्रज का उजाला है’* जैसे भजनों की प्रस्तुतियां दीं। भजनों की धुन पर श्रद्धालु झूमते नजर आए। देर रात तक चले कार्यक्रम के दौरान पूरा परिसर ‘जय श्रीकृष्ण’ और ‘राधे-राधे’ के जयकारों से गूंजता रहा।
महोत्सव समिति के अनुसार जन्माष्टमी महोत्सव चार दिनों तक चलेगा। आगामी दिनों में भी धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद की व्यवस्था भी की गई है। कार्यक्रम में महिलाओं और बच्चों की विशेष भागीदारी रही।
इस दौरान इस रासलीला का आयोजन समस्त ग्रामवासियों द्वारा कराया गया।
सामाजिक कार्यकर्ताओं समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। अब्दुल्ला नगर का यह आयोजन धार्मिक आस्था के साथ-साथ ब्रज की सांस्कृतिक परंपराओं और लोक संस्कृति को भी जीवंत रखने का संदेश दे रहा है।







