
अकीदत व एहतराम के साथ मस्जिदों में अदा की गई अलविदा जुमे की नमाज़, अमन-चैन की मांगी गई दुआएँ
रायबरेली – रमज़ान के मुक़द्दस महीने के आख़िरी जुमे अलविदा जुमे के मौके पर शहर व गांव की मस्जिदों में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने बड़े ही अकीदत और एहतराम के साथ नमाज़ अदा की वही सुबह से ही मस्जिदों में नमाज़ियों की भारी भीड़ देखने को मिली। मुस्लिम समुदाय के लोगों ने पूरे सुकून और खुसू-ख़ुज़ू के साथ नमाज़ अदा कर देश और दुनिया में अमन-चैन, भाईचारे और खुशहाली की दुआएँ मांगीं।
नमाज़ से पहले उलेमाओं ने अपने खिताब में रमज़ान की अहमियत और उसकी बरकतों पर रोशनी डाली। उन्होंने कहा कि रमज़ान का महीना इंसान को सब्र, रहमत, इंसानियत और आपसी मोहब्बत का पैग़ाम देता है। उलेमाओं ने लोगों से समाज में आपसी भाईचारा, एकता और शांति बनाए रखने की अपील भी की।
अलविदा जुमे की नमाज़ के बाद नमाज़ियों ने अपने गुनाहों की माफी मांगी और मुल्क की तरक़्क़ी, खुशहाली तथा पूरी दुनिया में अमन-सुकून कायम रहने के लिए खास दुआएँ कीं। मस्जिदों और आसपास के इलाकों में नमाज़ के दौरान बेहतर इंतज़ाम किए गए थे ताकि नमाज़ शांतिपूर्ण माहौल में अदा हो सके।
इस खास मौके पर नमाज़ियों के चेहरों पर रूहानी सुकून और इबादत की खुशी साफ झलक रही थी। रमज़ान के इस आख़िरी जुमे पर लोगों ने अल्लाह की बारगाह में हाथ उठाकर रहमत और बरकत की दुआएँ मांगीं।










