
CRS NEWS :- अमेरिका की आर्थिक नाकेबंदी का ईरान कैसे देगा जवाब?सैन्य हलचल: USS जॉर्ज वाशिंगटन अरब सागर में USS लिंकन की जगह लेने पहुँच गया है, जो 250 दिनों से वहाँ तैनात था। इस बदलाव के कारण प्रशांत महासागर क्षेत्र में कोई भी अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर (विमानवाहक पोत) नहीं बचा है, जो अमेरिकी सैन्य प्राथमिकताओं में आए बदलाव को दर्शाता है।
लेबनान और यमन में बढ़ता तनाव: दक्षिणी लेबनान में इज़राइली रक्षा बलों (IDF) के लगातार जारी ड्रोन हमलों और हुती बलों की बढ़ती आक्रामकता की रिपोर्ट देता है, जो पश्चिमी हितों को चुनौती देने के लिए सऊदी तेल सुविधाओं और समुद्री जहाजों को निशाना बना रहे हैं।
”हॉर्मुज़” रणनीति: ईरान पर फ़ास्ट-अटैक बोट्स (तेज़ हमलावर नौकाओं) और इरिट्रिया में स्थित अपने प्रॉक्सी नेटवर्क के ज़रिए होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) और लाल सागर जैसे समुद्री मार्गों को हथियार बनाने का आरोप है, ताकि वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं को बाधित किया जा सके और अमेरिका व उसके सहयोगियों पर दबाव बनाया जा सके।
आर्थिक युद्ध: चर्चा में ट्रम्प प्रशासन द्वारा ईरान की अर्थव्यवस्था को पंगु बनाने के लिए लागू किए गए सख्त आर्थिक प्रतिबंधों और नौसैनिक नाकेबंदी को रेखांकित किया गया है। इसके जवाब में ईरान क्षेत्रीय प्रभाव बढ़ाकर और आगे की सैन्य कार्रवाई की धमकियाँ देकर इसका मुकाबला कर रहा है।
क्षेत्रीय रुख: ईरान अमेरिकी प्रतिबंधों के प्रभाव को खारिज करना जारी रखे हुए है, जहाँ अध्यक्ष कलीबाफ़ जैसे अधिकारी पश्चिमी उपस्थिति के खिलाफ क्षेत्रीय एकजुटता का आह्वान कर रहे हैं। इस बीच, सैन्य अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि अमेरिका के नेतृत्व में किए गए किसी भी हमले का मुंहतोड़, अधिक सटीक और विनाशकारी जवाब दिया जाएगा।






