
CRS NEWS AGENCY:-(गैस का संकट) भारत में एलपीजी सिलेंडर की कमी और बढ़ती कीमतों का सीधा संबंध ईरान में जारी जंग और मिडिल ईस्ट में मची उथल-पुथल से है । इसके कारण हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Hormuz Strait) के रास्ते होने वाली सप्लाई प्रभावित हुई है, जो भारत के एलपीजी इंपोर्ट का लगभग 80% हिस्सा है।
ईंधन के दाम बढ़े: इंडियन ऑयल ने घरेलू सिलेंडर के दाम में ₹60 और कमर्शियल सिलेंडर में ₹115 की बढ़ोतरी की है।
इंपोर्ट पर निर्भरता: भारत अपनी एलपीजी जरूरतों का लगभग 58% इंपोर्ट करता है, मुख्य रूप से कतर, सऊदी अरब, यूएई और कुवैत से।
कमर्शियल सप्लाई में दिक्कत: बेंगलुरु जैसे शहरों में होटल व्यवसायी सप्लाई कम होने से परेशान हैं।
सरकार के कदम: सरकार ने घरेलू उपयोग को प्राथमिकता देने का आदेश दिया है । जमाखोरी रोकने के लिए 25 दिनों का इंटर-बुकिंग पीरियड लागू किया गया है । अस्पतालों और शिक्षण संस्थानों को प्राथमिकता दी जा रही है।
तेल रिजर्व: विशेषज्ञों के अनुसार, भारत के पास लगभग 40 दिनों का व्यावहारिक तेल रिजर्व मौजूद है।










