
CRS NEWS :- Hormuz Strait खोलने के लिए Iran ने दी 4 शर्तें ।ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने कहा है कि जब तक संयुक्त राज्य अमेरिका अपनी सैन्य उपस्थिति और धमकियों को बंद नहीं करता, तब तक होर्मुज जलडमरूमध्य बंद रहेगा।
पूर्व में सैन्य और रणनीतिक तनाव एक बार फिर चरम पर पहुँच गया है। ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने साफ कर दिया है कि जब तक संयुक्त राज्य अमेरिका अपनी सैन्य उपस्थिति और धमकियों को पूरी तरह समाप्त नहीं करता, तब तक वैश्विक व्यापार के लिए बेहद महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) बंद रहेगा।
इस महत्वपूर्ण जलमार्ग को फिर से खोलने के लिए ईरान ने चार बेहद सख्त शर्तें रखी हैं:
1-क्षेत्र में अमरीका द्वारा दी जा रही सैन्य धमकियों और दबाव पर पूरी तरह से रोक।
2- ईरान और उसके सहयोगी गुटों (Proxies) के खिलाफ चल रही सभी सैन्य गतिविधियों और संघर्षों पर तत्काल विराम।
3- ईरान के समुद्री व्यापार और जहाजों पर लगे सभी प्रकार के नौसैनिक प्रतिबंधों (Naval Restrictions) को हटाना।
4- ज़ब्त की गई ईरानी संपत्तियों को जारी करने के साथ-साथ युद्ध से हुए नुकसान का पूरा मुआवजा देना।
इस बीच, जलडमरूमध्य से गुजर रहे संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की कंपनी ADNOC के एक वाणिज्यिक पोत पर मिसाइल हमला हुआ है, जिसने क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा को लेकर वैश्विक चिंता बढ़ा दी है।
हुथी विद्रोहियों ने अल-मोखा क्षेत्र में सऊदी अरब के सैन्य ठिकानों और हथियारों के डिपो पर बड़े हमले किए हैं। उनका दावा है कि ये हमले बढ़ते सैन्य दबाव और नाकाबंदी के जवाब में किए गए थे।
सऊदी अरब द्वारा पाकिस्तान और तुर्की के साथ अपने रक्षा सहयोग को मजबूत करने के बावजूद, हुथियों ने चेतावनी दी है कि संघर्ष में शामिल किसी भी विदेशी हस्तक्षेप का सीधा जवाब दिया जाएगा।
सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्की के बीच हाल ही में हुए रक्षा समझौते—जिसे अक्सर “इस्लामिक नाटो” कहा जाता है—पर तुर्की की ओर से स्पष्टीकरण आया है।
तुर्की के विदेश मंत्री हाकान फिदान ने स्पष्ट किया कि इस सौदे का लक्ष्य ईरान जैसे किसी विशिष्ट देश को निशाना बनाना नहीं है, और न ही यह किसी सदस्य देश पर हमला होने की स्थिति में युद्ध में स्वचालित भागीदारी को अनिवार्य बनाता है।






