
CRS NEWS :- संसद में मल्लिकार्जुन खरगे और जेपी नड्डा आमने सामने।
खरगे के आरोप: मल्लिकार्जुन खरगे ने इस अनुष्ठान की कड़ी निंदा करते हुए इसे लक्षित भेदभाव और अपना अपमान बताया। उन्होंने इसे स्पष्ट रूप से अपनी दलित पहचान से जोड़कर देखा।
* नड्डा का जवाब: सदन के नेता जे.पी. नड्डा ने इस घटना पर दुख व्यक्त करते हुए इसे सभी के लिए “अत्यंत पीड़ादायक” बताया। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ऐसी प्रथाओं का समर्थन या बढ़ावा नहीं देती है और उन्होंने इस पूरे मामले की जांच कराने का आश्वासन दिया।
* राजनीतिक संदर्भ: जहां खरगे ने इस कृत्य से हुए अपमान पर जोर दिया, वहीं नड्डा ने अनुरोध किया कि इस मुद्दे का राजनीतिकरण न किया जाए और दोहराया कि पार्टी इस घटना की गहराई से जांच कराएगी।
हल्द्वानी विवाद की गूंज राज्यसभा में: खरगे बोले—’मंच का शुद्धिकरण दलित पहचान का अपमान’, जेपी नड्डा ने दिए जांच के आदेश
नई दिल्ली: उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे की जनसभा के बाद मंच पर किए गए कथित ‘शुद्धिकरण’ अनुष्ठान का मुद्दा संसद के ऊपरी सदन में गरमा गया। राज्यसभा में इस घटना को लेकर पक्ष और विपक्ष के नेताओं के बीच तीखी बहस देखने को मिली।
‘अछूत जैसा व्यवहार और दलित पहचान का अपमान’
मल्लिकार्जुन खरगे ने राज्यसभा में इस घटना की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि हल्द्वानी की जनसभा में लाखों लोग आए थे, जहाँ उन्होंने बिना किसी धर्म या समुदाय का नाम लिए केवल जनता के मुद्दे उठाए थे।
“सभा के बाद जिस तरह मंच का शुद्धिकरण कराया गया, वह बेहद पीड़ादायक है। यह सीधे तौर पर मेरी दलित पहचान से जुड़ा अपमानजनक कृत्य और छुआछूत जैसी मानसिकता का प्रतीक है। क्या लोकतंत्र और संविधान में ऐसी प्रथाओं के लिए कोई जगह है?”
भाजपा का पलटवार और जेपी नड्डा का आश्वासन
खरगे के आरोपों पर जवाब देते हुए सदन के नेता और केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा ने इस घटना पर दुख और अफसोस जताया। उन्होंने कहा कि यह घटना किसी एक दल के लिए नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए “अत्यंत पीड़ादायक” और चिंताजनक है।
जे.पी. नड्डा का रुख:
“भारतीय जनता पार्टी ऐसी किसी भी सोच, प्रथा या गतिविधि का समर्थन नहीं करती है और न ही इसमें विश्वास रखती है। चूंकि यह विषय सदन में उठा है, सरकार और पार्टी इस पूरे घटनाक्रम की गहराई से जांच कराएगी।”
राजनीतिकरण न करने की अपील
बहस के दौरान जे.पी. नड्डा ने विपक्ष से अपील की कि इस संवेदनशील मुद्दे को राजनीतिक रंग न दिया जाए। उन्होंने दोहराया कि निष्पक्ष जांच के जरिए सच सामने लाया जाएगा और दोषी पाए जाने वालों पर उचित रुख अपनाया जाएगा।
सदन के सभापति ने भी छुआछूत और भेदभाव की सख्त शब्दों में निंदा करते हुए कहा कि ऐसी घटनाएं किसी भी सभ्य लोकतंत्र में स्वीकार्य नहीं हैं।





