
CRS NEWS :- Ranchi protest: हंगर स्ट्राइक पर बैठे स्टूडेंट्स की बिगड़ी तबियत।
रांची: झारखंड कर्मचारी चयन आयोग की CGL परीक्षा (JSSC-CGL) को रद्द करने की मांग को लेकर रांची में विरोध प्रदर्शन कर रहे छात्रों की स्थिति बिगड़ती जा रही है। पिछले एक हफ्ते से भी अधिक समय से आमरण अनशन (Hunger Strike) पर बैठे कई छात्र-छात्राओं की तबीयत गंभीर रूप से खराब हो गई है, जिसके बाद उन्हें सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
स्वास्थ्य संबंधी आपात स्थिति (Medical Emergency)
दिनों-दिन भूखे पेट रहने के कारण प्रदर्शनकारी छात्रों के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ रहा है। बीमार पड़ने वाले प्रमुख छात्रों में हबीबा और राहुल क्रांति शामिल हैं, जिन्हें स्वास्थ्य में भारी गिरावट के बाद आपातकालीन स्थिति में सदर अस्पताल पहुँचाया गया। डॉक्टरों की टीम उनकी स्थिति पर नज़र बनाए हुए है।
प्रदर्शन का पृष्ठभूमि और पुलिसिया कार्रवाई
JSSC-CGL पेपर रद्द करने की मांग को लेकर छात्र लंबे समय से आंदोलनरत हैं। 10 अगस्त को आंदोलन ने उस समय उग्र रूप ले लिया जब पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए लाठीचार्ज, वाटर कैनन (पानी की बौछार) और आंसू गैस के गोलों का इस्तेमाल किया। पुलिस की इस कार्रवाई से मौके पर भगदड़ मच गई और कई छात्र घायल हो गए।
घटना पर गरमाई राजनीति
इस पूरे मामले ने अब राजनीतिक रूप ले लिया है:
राहुल गांधी का बयान: कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने छात्रों पर हुई पुलिसिया कार्रवाई की कड़े शब्दों में निंदा की है।
झारखंड बंद का आह्वान: भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने इस कार्रवाई के विरोध में 11 अगस्त को पूरे राज्य में ‘झारखंड बंद’ का आह्वान किया है।
सीएम आवास का घेराव: अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने की कोशिश की।
मीडिया और मुलाकात पर प्रशासन की पाबंदी
प्रदर्शन की मुख्य अगुवाई कर रहे प्रमुख छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो, जो आमरण अनशन पर थे, मार्च के दौरान हुए लाठीचार्ज में घायल हो गए थे और उन्हें भी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, प्रशासन ने अस्पताल में भर्ती घायल और बीमार छात्रों से मिलने पर सख्त पाबंदियां लगा दी हैं। अब मीडियाकर्मियों और छात्रों के परिचितों को भी उनसे मिलने से रोका जा रहा है, जिससे परिजनों और समर्थकों में नाराजगी और बढ़ गई है।






