
CRS NEWS AGENCY :- मुख्य घटनाक्रम:
प्रदर्शन का उग्र रूप: पुलिस द्वारा मार्च को रोकने के प्रयासों के बावजूद, प्रदर्शनकारी संसद के पास पहुंच गए। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए भारी बैरिकेडिंग, पुलिस बल और आंसू गैस व लाठीचार्ज का प्रयोग किया गया।
हताहत और नुकसान: इस हिंसक झड़प में 50 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हो गए और पुलिस वाहनों में तोड़फोड़ की खबरें आईं।
सुरक्षा व्यवस्था: संसद सत्र के पहले दिन हुए इस प्रदर्शन को देखते हुए नई दिल्ली को 15 ज़ोन में बांटकर त्रिस्तरीय सुरक्षा लागू की गई। भीड़ को जुटने से रोकने के लिए राजीव चौक और पटेल चौक जैसे मेट्रो स्टेशन अस्थायी रूप से बंद कर दिए गए।
सत्याग्रह और नेतृत्व: भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक ने अस्पताल से अपनी लाचारी और प्रदर्शनकारियों से न मिल पाने पर निराशा व्यक्त की। वहीं अभिजीत दीपके ने अपना अनशन समाप्त कर मार्च का नेतृत्व संभाला।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएँ: कांग्रेस ने सरकार को “छात्र-विरोधी” करार दिया, जबकि भाजपा ने इसे सरकार पर दबाव बनाने का अनुचित तरीका बताया।
अन्य दलों की भूमिका: डिंपल यादव सहित समाजवादी पार्टी के नेताओं ने संसद क्षेत्र में अलग से मार्च निकालकर प्रदर्शनकारियों का समर्थन किया।यह वीडियो दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा आयोजित एक उग्र विरोध प्रदर्शन की रिपोर्ट करता है, जो जंतर-मंतर से शुरू होकर संसद भवन के निकट एक गंभीर झड़प में बदल गया।






