1992 से विवादित, मौजमपुर कब्रिस्तान का अवैध गेट, न्यायालय के आदेश पर ध्वस्त कर दिया गया।
तिलहर/शाहजहांपुर। कई पुलिस थानों के भारी बल के साथ न्यायालय के आदेश से कब्रिस्तान के विवादित उस गेट को तुड़वा दिया जो अवैध रूप से विगत 33 सालों एक ऐसे विवाद को जन्म दिए खड़ा था जो नहीं होना चाहिए।
नगर के पुराने रोडवेज के पास चूनाभट्टी से सटी गाटा भूमि मि० 58 राजस्व विभाग तिलहर में दर्ज संपत्ति में से संपत्ति स्वामी ने संपत्ति के उत्तर साइड में 0.60 डिसमिल कब्रिस्तान के लिए जगह दी जो कि वक्फ में 1423 पर मै 17 पेड़ो के दर्ज है। हालांकि कब्रिस्तान में जबरन अवैध रूप से लगाए गए दूसरे गेट का विवाद कब्रिस्तान के मुतावल्ली द्वारा नहीं था परंतु फिर भी धर्म की आड़ में आगे की दूसरे की संपत्ति को भी गैर लोगों द्वारा कब्रिस्तान में मिलाने की साजिश के चलते लंबा विवाद रहा। ऐसी चर्चा का विषय बने अनेकों साक्ष्य दर दर भटकते मिल सकते हैं।
हालांकि इस लंबे विवाद में विगत वर्ष न्यायालय में डाले गए इजरा प्रकीर्ण वाद संख्या-40/2025 में न्यायालय ने अपने आदेश में नियम 97 सीपीसी निरस्त करते हुए आपत्ति को बरकरार रख, कब्रिस्तान में अवैध रूप से लगाए गए गेट को तोड़कर आख्या मांगी गई जो कि तिलहर कोतवाल जुगल किशोर के नेतृत्व में आज कई थानों की पुलिस ने खड़े होकर इस करत कार्रवाई को शांतिपूर्वक निपटाया।
बताया जा रहा है, वहीं उधर अब उक्त कब्रिस्तान भी मुताबिलियत और तौलियत के लिए चर्चा का विषय बनने को तैयार है क्योंकि कब्रिस्तान संपत्ति स्वामी का सीधी साधी प्रवृत्ति होने के कारण दबंग प्रवृत्ति के भूमिया धार्मिक संगठन की आड़ लेकर कब्रिस्तान की फर्जी कमेटी बनाते हुए उसे पर कब्जा करने की फिराक में रहते हैं।











