
CRS NEWS रायबरेली। महाकालेश्वर मंदिर की 24वीं स्थापना वर्षगांठ इस वर्ष श्रद्धा, सेवा और समर्पण के भव्य उत्सव के रूप में मनाई गई। मंदिर परिसर में आयोजित विशाल भंडारे ने पूरे क्षेत्र को शिवमय कर दिया। सुबह से लेकर देर शाम तक भक्तों की निरंतर आमद बनी रही और प्रभु की इच्छा तक प्रसाद वितरण का क्रम चलता रहा।
वर्षगांठ के अवसर पर प्रातः काल विधि-विधान पूर्वक हवन-पूजन और रुद्राभिषेक संपन्न हुआ। वैदिक मंत्रों की गूंज और “ॐ नमः शिवाय” के सामूहिक जाप ने वातावरण को पूरी तरह भक्तिमय बना दिया। पूजन के उपरांत मंदिर सेवा समिति के संरक्षक/अध्यक्ष एवं वरिष्ठ पत्रकार राजेंद्र सिंह तथा मंदिर की संस्थापक ऊषा सिंह ने भगवान शिव का श्रद्धापूर्वक पूजन-अर्चन कर भोग अर्पित किया। सर्वप्रथम कन्याओं को आदर सहित प्रसाद वितरित किया गया।
इसके बाद भंडारे का शुभारंभ हुआ। विशाल पंडाल में सुसंगठित व्यवस्था के साथ श्रद्धालु कतारबद्ध होकर बैठते रहे और सेवा में लगे स्वयंसेवक विनम्र भाव से प्रसाद परोसते रहे। पूड़ी, सब्जी, खीर सहित विभिन्न व्यंजनों का प्रसाद भक्तों को प्रेम पूर्वक दिया गया। प्रसाद ग्रहण करते समय श्रद्धालुओं के चेहरों पर संतोष और आस्था का भाव स्पष्ट झलक रहा था।
भंडारे की विशेषता यह रही कि जब तक अंतिम श्रद्धालु ने प्रसाद ग्रहण नहीं कर लिया, तब तक वितरण जारी रहा। समिति के पदाधिकारियों ने स्पष्ट कहा कि “प्रभु की इच्छा तक” कोई भी भक्त बिना प्रसाद पाए वापस नहीं जाएगा। देर शाम तक सेवा का यह क्रम निरंतर चलता रहा और हर आने वाले को आदर सहित प्रसाद दिया गया।
मंदिर परिसर को आकर्षक विद्युत झालरों और रंगीन सजावट से सुसज्जित किया गया था। पूरा मंदिर दुल्हन की तरह सजा हुआ नजर आया। “हर हर महादेव” के जयकारों से वातावरण गुंजायमान रहा। भक्ति संगीत की मधुर धुनों पर श्रद्धालु झूमते दिखाई दिए। शाम को आतिशबाजी ने उत्सव की गरिमा को और भी बढ़ा दिया।
संरक्षक/अध्यक्ष राजेंद्र सिंह ने बताया कि प्रत्येक वर्ष 25 फरवरी को स्थापना वर्षगांठ पर भंडारे का आयोजन किया जाता है। यह केवल परंपरा नहीं, बल्कि सेवा और समर्पण का पर्व है। उन्होंने कहा कि महाकाल बाबा की कृपा से ही यह आयोजन निरंतर सफल होता आ रहा है।
मंदिर की संस्थापक ऊषा सिंह पूरे समय व्यवस्थाओं में सक्रिय रहीं। उन्होंने स्वयं प्रसाद वितरण व्यवस्था की निगरानी की और अतिथियों व श्रद्धालुओं का आत्मीय स्वागत किया। उनके अनुसार, यह दिन उनके लिए अत्यंत भावनात्मक और विशेष होता है, क्योंकि महाकाल की सेवा ही उनके जीवन का आधार है।
इस प्रकार महाकालेश्वर मंदिर की 24वीं वर्षगांठ पर आयोजित भंडारा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सामूहिक श्रद्धा और सेवा का जीवंत उदाहरण बनकर सामने आया। प्रभु की अंतिम इच्छा तक चले प्रसाद वितरण ने इस आयोजन को यादगार बना दिया।
भगवान महाकाल जी के मंदिर की स्थापना वर्षगांठ पर आयोजित उत्सव में प्रमुख रूप से शामिल होने वालों में सदर विधायक अदिति सिंह, जिला सहकारी बैंक लि. के अध्यक्ष विवेक कुमार सिंह, सदस्य पूर्वांचल विकास बोर्ड विजय विक्रम सिंह दीपेंद्र त्रिपाठी, राष्ट्रीय परिषद सदस्य रामदेव पाल, भाजपा के जिलाध्यक्ष बुद्धीलाल पासी, न्यू स्टैंडर्ड ग्रुफ ऑफ स्कूल्स के चेयरमैन डॉ. शशिकांत शर्मा, राजद के प्रदेश अध्यक्ष अशोक सिंह “रामपुरी” , नगर पालिका अध्यक्ष शत्रोहन सोनकर, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता वीके शुक्ला “अंकल”, कांग्रेस के जुझारू युवा नेता अतुल सिंह, सपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व राज्य मंत्री सुरेश पांडेय, पूर्व ब्लाक प्रमुख उमेश सिंह, पूर्व ब्लाक प्रमुख जय शंकर सिंह, सीए शिशिर त्रिपाठी, आई टीआई के पूर्व महाप्रबंधक जनसंपर्क आरपी पांडेय, रायबरेली क्लब के सचिव डॉ. संजीव जायसवाल, डॉ. मनीष सिंह चौहान, डॉ. बृजेश सिंह, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता संतोष सिंह, नंद कुमार शुक्ला नन्दू, युवा नेता शिवाकांत अवस्थी फतेहपुर, संदीप चौपड़ा, अमेठी जिले के कांग्रेस अध्यक्ष प्रदीप सिंघल, पूर्व पार्षद दिनेश यादव, एडवोकेट हाईकोर्ट बी.डी. यादव, पूर्व अध्यक्ष सेंट्रल बार एडवोकेट ओपी यादव, एडवोकेट सुरेंद्र सिंह भदौरिया, कमलेश चंद्र पांडेय, शिक्षक नेता लल्लन मिश्रा, संतोष शुक्ला, रमेश अवस्थी, जीतू शुक्ला, भाजपा नेता सुनील सिंह, भाजपा के जिला उपाध्यक्ष दल बहादुर सिंह , बीरेंद्र सिंह, विजय प्रताप सिंह, विजय बाजपेई, मंडल अध्यक्ष जितेंद्र सिंह, मंडल अध्यक्ष शिवसागर तिवारी, मंडल उपाध्यक्ष डॉ. रामनाथ, प्रमुख व्यवसायी रवि अग्रवाल, विमल तलरेजा, सुधीर जायसवाल, राकेश सिंह, विनय मिश्रा कानपुर, इं. सुक्खू लाल चांदवानी, संजय जीवलानी, सरदार जोगिंदर सिंह, सरदार पपिंदर सलूजा, उमेश सिकरिया, गुरजीत सिंह तनेजा, प्रेम नारायण द्विवेदी, अजीत सिंह, दिलीप सिंह, रवींद्र सिंह, आरबी सिंह, संजय सिंह, धीरज श्रीवास्तव , शिव मनोहर पांडेय, राजेश पांडेय, आलोक पांडेय, अमरेन्द्र कुमार, मंदिर के पुजारी राजू मिश्रातंबाकू वाले पंडित राजू मिश्रा पुजारी सहित हजारों शिवभक्त शामिल रहे।










