
मां ने इलाज में लापरवाही का लगाया आरोप, तहरीर के आधार पर पुलिस ने शुरू की जांच
CRS NEWS ऊंचाहार, रायबरेली। ऊंचाहार कस्बे में स्थित एक निजी अस्पताल में निमोनिया और तेज बुखार से पीड़ित 13 वर्षीय किशोरी की मौत के बाद परिजनों में आक्रोश फैल गया। किशोरी की मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर इलाज में गंभीर लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए पुलिस से शिकायत की। मृतका की मां की तहरीर पर पुलिस ने अस्पताल संचालक डॉ. सुनील चौहान सहित अस्पताल के स्टाफ के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार, ऊंचाहार क्षेत्र की रहने वाली आरती देवी की 13 वर्षीय बेटी साक्षी को तेज बुखार और निमोनिया की शिकायत थी। परिजनों ने उसकी तबीयत बिगड़ने पर 27 अगस्त को चौहान हॉस्पिटल में भर्ती कराया था। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में भर्ती कराने के बाद किशोरी का उपचार अपेक्षा के अनुरूप नहीं किया गया और उसकी हालत लगातार बिगड़ती चली गई।
प्रशिक्षु बच्चों से इलाज कराने का आरोप
मृतका की मां ने पुलिस को दी गई तहरीर में आरोप लगाया है कि अस्पताल में उनकी बेटी के इलाज के लिए विशेषज्ञ चिकित्सक की समुचित निगरानी नहीं रही। उनका आरोप है कि किशोरी का इलाज प्रशिक्षु बच्चों से कराया जा रहा था। परिजनों के मुताबिक इलाज के दौरान साक्षी की हालत बिगड़ने लगी, लेकिन समय रहते उचित चिकित्सकीय कदम नहीं उठाए गए।
परिजनों का कहना है कि उन्होंने अस्पताल के चिकित्सकों और स्टाफ से बेटी की बिगड़ती हालत को लेकर कई बार चिंता जताई, लेकिन इसके बावजूद स्थिति में सुधार नहीं हुआ। 28 अगस्त की सुबह करीब नौ बजे किशोरी की मौत हो गई। बेटी की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया और अस्पताल परिसर में परिजनों का आक्रोश देखने को मिला।
मौत के बाद परिजनों ने उठाए सवाल
किशोरी की मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करते हुए इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया। उनका कहना है कि यदि समय रहते विशेषज्ञ चिकित्सक द्वारा उचित उपचार किया जाता तो शायद किशोरी की जान बचाई जा सकती थी। हालांकि, इन आरोपों की वास्तविकता जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
मामले की जानकारी मिलने पर पुलिस ने परिजनों की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए तहरीर के आधार पर अस्पताल संचालक डॉ. सुनील चौहान और स्टाफ के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया। मामले की विवेचना उपनिरीक्षक विनोद कुमार को सौंपी गई है।
जांच के बाद सामने आएगी सच्चाई
पुलिस के अनुसार मामले की जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस अस्पताल में किशोरी के भर्ती होने से लेकर उसकी मौत तक के घटनाक्रम, इलाज से संबंधित अभिलेख, चिकित्सकीय दस्तावेज और अन्य तथ्यों की जांच कर सकती है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
वहीं किशोरी की मौत के बाद क्षेत्र में निजी अस्पतालों में मरीजों के इलाज और चिकित्सकीय व्यवस्थाओं को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है। परिजनों ने मामले की निष्पक्ष जांच कराकर यदि लापरवाही साबित होती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई किए जाने की मांग की है।
हालांकि अस्पताल प्रबंधन या आरोपी पक्ष की ओर से लगाए गए आरोपों पर तत्काल कोई पक्ष सामने नहीं आया है। पुलिस जांच के बाद ही घटना की वास्तविक वजह और जिम्मेदारी स्पष्ट हो सकेगी।







