
CRS NEWS :- क्या ईरान कि मिसाइल के निशाने पर था डोनाल्ड ट्रम्प का विमान? तुर्की के अंकारा दौरे के दौरान, ईरान से मिली धमकियों के बाद डोनाल्ड ट्रम्प को लेकर चलाए गए एक सुरक्षा अभियान (Security Operation) पर चर्चा की गई है।
* सुरक्षा का खतरा: जब ट्रम्प नाटो (NATO) शिखर सम्मेलन के लिए अंकारा में थे, तब खुफिया जानकारी से पता चला कि उनके जाने के दौरान उनके प्राथमिक विमान, ‘एयर फोर्स वन’ (Air Force One) पर सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल (Surface-to-air missile) से हमला होने का खतरा था।
* गुप्त ऑपरेशन: उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों ने एक गुप्त योजना बनाई। सीधे एयर फॉर वन में जाने के बजाय, ट्रम्प को हवाई अड्डे पर एक कैटरिंग ट्रक (Catering truck) के जरिए गुप्त रूप से दूसरे विमान, C-32A में सवार कराया गया।
* चकम देने की रणनीति: इस बदलाव को इतना गुप्त रखा गया कि अधिकांश पत्रकारों और व्हाइट हाउस के कर्मचारियों को भी इसकी खबर नहीं थी। धोखा देने की रणनीति के तहत मूल एयर फोर्स वन को वहीं खड़ा रखा गया और ट्रम्प को गैर-पारंपरिक रास्तों से ले जाया गया ताकि उनकी असली यात्रा का पता न चल सके।
* ऐसी घटनाओं के ऐतिहासिक उदाहरण: वीडियो में बताया गया है कि ऐसे सुरक्षा कदमों के पहले भी उदाहरण मौजूद हैं। वर्ष 2000 में बिल क्लिंटन की पाकिस्तान यात्रा के दौरान भी इसी तरह की स्थिति का हवाला दिया गया है, जहां उन्होंने भी सुरक्षा कारणों से अपना विमान बदला था।
डोनाल्ड ट्रम्प ने बाद में इस बात की पुष्टि की कि कासिम सुलेमानी (Qasem Soleimani) की मौत के बाद ईरान की “हिट लिस्ट” में शीर्ष पर होने के कारण गुप्त सेवा (Secret Service) ने उन्हें इन प्रोटोकॉल का पालन करने का निर्देश दिया था।







