
सदर तहसील गेट के सामने सड़क बनी तालाब, राहगीरों और वाहन चालकों को हुई परेशानी; नालों की सफाई पर उठे सवाल
CRS NEWS रायबरेली। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के रायबरेली दौरे के महज तीन दिन बाद ही शहर की जल निकासी व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। शुक्रवार, 28 अगस्त को करीब दोपहर 12 बजे सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो में सदर तहसील गेट के सामने सड़क पर भारी जलभराव दिखाई दिया। सड़क पर जमा पानी की वजह से राहगीरों को आवागमन में परेशानी उठानी पड़ी, वहीं दोपहिया और चारपहिया वाहन चालक भी पानी के बीच से गुजरने को मजबूर नजर आए।
वायरल वीडियो में सड़क का बड़ा हिस्सा पानी से लबालब दिखाई दे रहा है। कई स्थानों पर पानी इतना अधिक है कि सड़क और जलभराव के बीच अंतर करना मुश्किल नजर आता है। वाहन चालकों को पानी के बीच से निकलना पड़ रहा है, जबकि पैदल आने-जाने वाले लोगों को भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जलभराव के कारण यातायात व्यवस्था प्रभावित होने की स्थिति भी बनी रही।
24 अगस्त को इसी मार्ग से गुजरा था मुख्यमंत्री का काफिला
गौरतलब है कि 24 अगस्त को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रायबरेली पहुंचे थे। उनके कार्यक्रम को लेकर जिला प्रशासन और संबंधित विभागों की ओर से व्यापक तैयारियां की गई थीं। मुख्यमंत्री के काफिले के गुजरने वाले प्रमुख मार्गों पर साफ-सफाई, सड़क व्यवस्था और जल निकासी सहित विभिन्न व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के लिए प्रशासनिक अमला सक्रिय रहा था।
मुख्यमंत्री के दौरे से पहले शहर के कई हिस्सों में नालियों और नालों की सफाई कराए जाने का दावा किया गया था। ऐसे में मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के महज तीन दिन बाद उसी मार्ग पर भारी जलभराव का वीडियो सामने आने से जल निकासी व्यवस्था और सफाई अभियान की वास्तविक स्थिति पर सवाल खड़े हो गए हैं।
सफाई के बाद भी क्यों नहीं निकला पानी?
स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश के दौरान शहर में जलभराव कोई नई समस्या नहीं है। हर वर्ष मानसून के समय शहर के विभिन्न इलाकों में पानी जमा होता है। प्रशासन और नगर निकाय स्तर पर बारिश से पहले नालों की सफाई और जल निकासी व्यवस्था को लेकर तैयारियां की जाती हैं, लेकिन बारिश होते ही कई स्थानों पर व्यवस्थाओं की हकीकत सामने आ जाती है।
लोगों का सवाल है कि यदि नालियों और नालों की सफाई पूरी तरह से कराई गई थी तो सदर तहसील गेट जैसे महत्वपूर्ण स्थान पर इतनी बड़ी मात्रा में पानी क्यों जमा हुआ? क्या नालियों की सफाई महज औपचारिकता बनकर रह गई या फिर जल निकासी के लिए बनी व्यवस्था की क्षमता ही पर्याप्त नहीं है?
स्थायी समाधान की मांग
स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान कराने की मांग की है। उनका कहना है कि सिर्फ बारिश से पहले नालियों की सफाई कराने से समस्या का समाधान नहीं होगा। शहर में जल निकासी के प्रमुख मार्गों की क्षमता, नालों की स्थिति और पानी की निकासी के अंतिम बिंदुओं की भी जांच की जानी चाहिए, ताकि बारिश होने पर पानी सड़कों पर जमा न हो।
नागरिकों का कहना है कि प्रमुख सरकारी कार्यालयों और तहसील जैसे महत्वपूर्ण स्थानों के आसपास यदि जलभराव की स्थिति बनी रहती है तो आम नागरिकों को कितनी परेशानी होती होगी, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है। जलभराव से सड़क पर आवागमन बाधित होने के साथ ही दुर्घटना की आशंका भी बनी रहती है।
दिखावे की सफाई या स्थायी व्यवस्था?
मुख्यमंत्री के दौरे से पहले जिस मार्ग को साफ-सुथरा और व्यवस्थित दिखाने के लिए प्रशासनिक मशीनरी सक्रिय रही, उसी मार्ग पर कुछ ही दिनों बाद जलभराव की तस्वीर सामने आने से व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर चर्चा शुरू हो गई है। लोगों का आरोप है कि वीआईपी दौरे के समय व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने पर विशेष जोर दिया जाता है, लेकिन आम दिनों में उन्हीं व्यवस्थाओं के रखरखाव और निगरानी पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जाता।
हालांकि वायरल वीडियो सामने आने के बाद अभी तक संबंधित विभाग या अधिकारी की ओर से जलभराव के कारण और समस्या के समाधान को लेकर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस जलभराव को महज एक दिन की समस्या मानकर छोड़ता है या फिर रायबरेली शहर की जल निकासी व्यवस्था में स्थायी सुधार के लिए ठोस कदम उठाता है।







