
CRS AGENCY। इसरो अपने ड्रीम प्रोजेक्ट चंद्रयान-3 को लॉन्च करने जा रहा है। आज चंद्रयान-3 2:35 बजे चंद्रमा की ओर जाने के लिए पृथ्वी से उड़ान भरेगा। बता दें कि करीब 45 से 50 दिन की यात्रा करने के बाद चंद्रयान-3 चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के पास लैंडिंग होगी। चंद्रयान-3 को चंद्रमा पर भेजने के लिए LVM-3 लॉन्चर का इस्तेमाल किया जा रहा है। चंद्रयान-3 की लॉन्चिंग श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन स्पेस सेंटर के लॉन्च पैड 2 से होगी। चंद्रमा की सतह पर सुरक्षित और सॉफ्ट लैंडिंग करना है। इस मिशन का उद्देश्य चंद्रमा पर सटीक लैंडिंग हासिल करने में भारत की तकनीकी क्षमताओं का प्रदर्शन करना है।
चंद्रयान-3 चंद्रमा पर घूमने और एक्सप्लोर करने की अपनी क्षमता प्रदर्शित करने के लिए चंद्रमा की सतह पर एक रोवर तैनात करेगा। रोवर इन-सीटू वैज्ञानिक प्रयोग करेगा और चंद्र पर्यावरण के बारे में बहुमूल्य डेटा एकत्र करेगा। चंद्रयान-3 मिशन का लक्ष्य चंद्रमा पर साइंटिफिक एक्सपेरिमेंट्स करना है। ये प्रयोग चंद्रमा की सतह की संरचना भूवैज्ञानिक विशेषताओं और अन्य विशेषताओं के बारे में जानकारी प्रदान करेंगे। अंतरग्रहीय मिशनों के लिए आवश्यक नई तकनीकों को विकसित करने और प्रदर्शित करने के लिए डिजाइन किया गया है। यह अंतरिक्ष यान इंजीनियरिंग, लैंडिंग सिस्टम और खगोलीय पिंडों पर गतिशीलता और क्षमताओं में प्रगति में मदद करेगा। चंद्र दक्षिणी ध्रुव की खोज चंद्रयान-3 चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर उतरने वाला पहला मिशन होगा। यह क्षेत्र अपने स्थायी रूप से छाया वाले क्षेत्रों के कारण विशेष रुचि रखता है, जहां पानी की बर्फ के होने का भी अनुमान लगाया जा रहा है। चंद्रयान-3 मिशन का लक्ष्य इस अज्ञात क्षेत्र की अद्वितीय भूविज्ञान और संरचना का अध्ययन करना है।









