स्वच्छ भारत मिशन की असफलता का नमूना तो नही डेगू का प्रकोप!

इमरान सागर की क़लम से!
CRS तिलहर/शाहजहाँपुर-नगर हो या ग्रामीण क्षेत्र, डेगू प्रकोप हर ओर देखने को मिल रहा है! अधिकांश ग्रामीण क्षेत्रो में मच्छर जनित बीमारियाँ अपना पैर पसारती नज़र आ रही है! इतना हाहाकार मचने के बाद भी सरकारी अस्पतालो की व्यवस्थाए ठप्प होने के कारण निजअस्पताल और झोलाछाप चाँदी कांटने में लगे हैं क्यूंकि सरकारी व्यवस्थाएं समय पर नही मिल पाने के कारण मजबूर रोगी इन्हे एक बड़ा आसरा समझ रहे हैं!
खबरो की माने तो क्षेत्र में प्रतिदिन एक न एक मौत डेगू से होती सुनने को मिल रही है और साथ ही CHC पर लापरवाही करने की टिप्पणियाँ भी परन्तु सबसे अहम बात यह है कि इतना सब होने के बाद भी मच्छरो के इस आतंक को रोकने के लिए कीट नाशक दबाएं या फागिग लगातार नही कराई जा रही है जबकि सरकार की ओर से इन कीटनाशक दवाओं और फागिंग के लिए लाखो रुपये का बजट दिया जा रहा है!
सूत्रो की माने तो सबसे अधिक गन्दगी ग्रामीण क्षेत्रो के कूड़े ऐर गोबर के ढ़ेरो में, गड्ढ़ो में जमा गंदे पानी में मच्छरो की पैदाबार लगातार कहर ढ़ाए हैं! नगर से सटे ग्रामीण क्षेत्रो में घुसते ही गन्दगी के अम्बार नज़र आने लगते हैं! यहाँ तक सड़को पर बंधे जानबरो का गोबर और गन्दगी से सकरे होते रास्ते साफ नज़र आते हैं लेकिन सफाई के नाम पर सप्ताह भर में कभी कभार नालियाँ और सड़के साफ होती नज़र आती हैं! ब्लाक स्तर से लगे सफाई कर्मी कहीं नज़र नही आते! स्वच्छ भारत मिशन के नाम पर करोड़ो रुपया सरकार द्वारा खर्ज करते रहने के बाद भी जमीनी स्तर पर अभी भी साफ सफाई के मामलो में बड़ी लापरवाही देखने को मिल रही है जिसके कारण मच्छरो की पैदाबार मानव जीवन पर कहर बरसाने में लगी है! ऐसा माना जा रहा है कि डेगू का प्रकोप स्वच्छ भारत मिशन की असफलता का नमूना तो नही!










