अतिक्रमण में तालाब, सौन्द्रीकरण की आड़ में करोड़ो का बंदरबाट! सौन्द्रीकरण को तरस रहा है प्राचीन तालाब!


CRS तिलहर/शाहजहाँपुर-नगर प्राचीन तालाब “पीरगाब” सफाई, सौन्द्रीकरण पर विगत वर्षो में लाखो नही करोड़ो खर्च करवा कर भी अभी तक सौन्द्रीकरण तो दूर की बात है साफ तक नही हो सका! सौन्द्रीकरण के नाम पर सैयद मखदूम पीरगैब साहब की दरगाह के पास से निकाला जाने वाला रोड और तालाब की पक्की बालबाऊंड्री तक का निर्माण अधूरा पड़ा है!
बताया गया, तहसील प्रशासन के रेवन्यू विभाग द्वारा लंबी जाच के बाद भी तालाब को सही मायने में अतिक्रमण से मुक्त नही कराया जा सका, हाँ लेकिन जहाँ दसवाँ घर के रूप में बनी एक इमारत को पूरी तरह ढहा दिया गया तो वहीं दूसरे मकान को भी आधा तोड़ कर लाखो का नुकसान करने के बाद भी तालाब का सौन्द्रीकरण अधर में लटका दिया गया! राजनीति का शिकार पीरगैब तालाब प्रोजेक्ट पर नगर पालिका स्तर से अब तक करोड़ो रुपया खर्च कर दिया गया लेकिन तालाब आज भी जस का तस नज़र आ रहा है, सबाल उठने लगा है कि प्रदेश में ईमानदार योगी सरकार में करोड़ो का सरकारी धन आखिर खर्च किया गया तो किया कहाँ गया!
2 भागो में पीरगैब तालाब, नगर के मोहल्ला मोजमपुर में स्थित नगर भर में सबसे बड़ा प्राचीन तालाब ही नही बल्कि आस्था का केन्द्र भी रहा है परन्तु पालिका प्रशासन की लापरवाही के चलते पश्चिम दिशा में तालाब का काफी भाग अतिक्रमण के आगोश में पहुंच कर अबैध निर्माण में बदलता रहा और नाप करते समय भी तहसील प्रशासन उस भाग को अतिक्रमण मुक्त नही करा सका!
सूत्रो की माने तो पालिका प्रशासन की मिलीभगत के पीरगैब तालाब ही नही बल्कि नगर स्थित पालिका की बड़ी गाटा भूमियाँ अतिक्रमण युक्त नज़र नही आती बल्कि उनपर अबैध रूप से रिहाइशी/व्यवसायिक इमारते खड़ी हो गई! परन्तु जहाँ कहीं भी रत्तीभर भूमि पर कोई गरीब पन्नी या टट्टर डाले तो मधुमक्खी की तरह पालिका प्रशासन तत्काल पहुंच उसे तोड़ते हुए अपने फोटो वायरल करने में तनिक देर नही करता!










