
CRS NEWS AGENCY:- Spain-Britain ने अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर क्यों लगाई रोक? आइए विस्तार से समझते हैं।
इजरायल-अमेरिका-ईरान संघर्ष में बढ़ते तनाव के बीच, यूरोपीय कूटनीति में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है। 2 मार्च, 2026 के हालिया घटनाक्रम बताते हैं कि प्रमुख नाटो (NATO) सहयोगी अब ईरान के खिलाफ आक्रामक अभियानों के लिए बिना शर्त सैन्य समर्थन देने से कतरा रहे हैं।
स्पेन का सख्त रुख
अपनी संप्रभुता का हवाला देते हुए, स्पेन ने आधिकारिक तौर पर अमेरिका को ईरान पर हमलों के लिए अपने रणनीतिक सैन्य ठिकानों—रोटा (Rota) और मोरॉन (Morón)—का उपयोग करने की अनुमति देने से इनकार कर दिया है। इस निर्णय के कारण 9 टैंकर विमानों सहित 15 अमेरिकी विमानों को वहां से हटाकर जर्मनी और फ्रांस भेजना पड़ा।
स्पेन के विदेश मंत्री जोस मैनुअल अल्बारेस ने स्पष्ट किया कि ये ठिकाने स्पेन के अधिकार क्षेत्र में आते हैं और इनका उपयोग आक्रामक कार्रवाई के लिए नहीं किया जाएगा। प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज ने भी अमेरिकी-इजरायली सैन्य कार्रवाइयों की निंदा करते हुए मैड्रिड और वाशिंगटन के बीच बढ़ते मतभेदों को स्पष्ट कर दिया है।
ब्रिटेन की संतुलित नीति
प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर के नेतृत्व में यूनाइटेड किंगडम ने एक अधिक सतर्क रुख अपनाया है। शुरुआत में ** डिएगो गार्सिया (Diego Garcia)** बेस के उपयोग की आलोचना करने के बाद, ब्रिटिश सरकार ने अब केवल “रक्षात्मक उद्देश्यों” के लिए इसके सीमित उपयोग की अनुमति दी है।
ब्रिटेन का यह संशय इराक युद्ध की पुरानी गलतियों और “झुलसी हुई धरती” (scorched earth) जैसी विनाशकारी रणनीति के डर से प्रेरित है। बेस के उपयोग को केवल ब्रिटिश नागरिकों की रक्षा तक सीमित रखकर, यूके एक ऐसे पूर्ण युद्ध में शामिल होने से बचना चाहता है जो क्षेत्र में जवाबी हमलों को जन्म दे सकता है।
तेहरान में व्यक्तिगत क्षति
सैन्य गतिविधियों के बीच, इस संघर्ष ने ईरान के नेतृत्व को व्यक्तिगत रूप से भी प्रभावित किया है। खबरों के अनुसार, ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की पत्नी मंसूरह खोजस्तेह की मृत्यु हो गई है। उनकी मौत उनके आवास पर हुए अमेरिकी-इजरायली हमले में आई चोटों के कारण हुई, जिससे क्षेत्र में शत्रुता और बढ़ने की आशंका है।








