
डॉ. मोहम्मद जुबैर, राज्य कर्मचारी पुरस्कार से सम्मानित
डॉ. मोहम्मद जुबैर को राज्य कर्मचारी साहित्य संस्थान उ.प्र., लखनऊ द्वारा 22 मार्च 2026 को मिर्ज़ा असद उल्ला खां ग़ालिब पुरस्कार से सम्मनित किया गया । इस अवसर पर इन्हें एक लाख रूपये की राशि, मेमेंटो और प्रशस्ति पत्र पदान किया गया ।
डॉ. मोहम्मद जुबैर, जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान, रायबरेली में उर्दू बिषय के प्रवक्ता हैं । विगत पच्चीस वर्षों से उर्दू ज़बान व साहित्य से जुड़े हुए हैं । जनपद प्रतापगढ़ में जन्में डॉ0 जुबैर ने अपनी प्रारम्भिक शिक्षा गृह जनपद में प्राप्त की । उच्च शिक्षा के लिए प्रयागराज गये जहाँ इन्होंने स्नातक उर्दू के साथ सी.एम.पी. डिग्री कालेज (इलाहाबाद विश्वविद्यालय) से किया । परास्नातक इलाहाबाद विश्वविद्यालय से उर्दू विषय में किया । यूजीसी द्वारा आयोजित परीक्षा नेट एवं जे.आर.एफ. भी उर्दू भाषा में उत्तीर्ण की, बी.एड. (उर्दू मीडियम) एवं पी.एचडी.की उपाधि उर्दू मौलाना आज़ाद नेशनल उर्दू विश्वविद्यालय, हैदराबाद से प्राप्त की साथ ही रिसर्च स्कालर के रूप में स्नातक एवं स्नातकोत्तर स्तर पर उर्दू विषय का अध्यापन कार्य भी किया । इसके बाद अनवरत शिक्षण एवं लेखन कार्य जारी रहा । डॉ0 जुबैर को पी.एचडी. पूर्ण करने के अगले दिन ही मौलाना आज़ाद नेशनल उर्दू विश्वविद्यालय, हैदराबाद में उर्दू विषय के असिस्टेंट प्रोफेसर (अस्थायी रूप में) नियुक्त किया गया जहाँ इन्होंने 2016 से 2018 तक कार्य किया । 2018 से 2020 तक श्री शंकराचार्य संस्कृत विश्वविद्यालय, केरल में असिस्टेंट प्रोफेसर (अस्थायी रूप में) नियुक्त किया गया जहाँ इन्होंने स्नातक एवं स्नातकोत्तर स्तर पर उर्दू विषय का अध्यापन एवं शोध कार्य किया । डॉ0 जुबैर वर्ष 2020 में लोक सेवा आयोग द्वारा चयनित होकर एस.सी.ई.आर.टी. द्वारा डायट रायबरेली में नियुक्ति प्राप्त की और डी.एल.एड. प्रशिक्षुओं को उर्दू प्रशिक्षण एवं परिषदीय विद्यालयों में सहयोगात्मक पर्यवेक्षण कार्य कर रहे हैं ।
डॉ0 जुबैर साहित्य अकादमी दिल्ली द्वारा बाल साहित्य पुरस्कार – 2020 हेतु उर्दू भाषा एक्सपर्ट, सदस्य के रुप में तथा साहित्य अकादमी दिल्ली द्वारा अनुवाद पुरस्कार -2021 हेतु उर्दू भाषा एक्सपर्ट, सदस्य के रुप में भी कार्य किया है । विभिन्न सेमिनारों में राष्ट्रीय, अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर पेपर प्रस्तुति की है तथा आपके शोध पत्र एवं लेख विभिन्न पत्रिकाओं (राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय) में प्रकाशित हो चुके हैं । डॉ जुबैर की तीन पुस्तकें फ़िरक़ा वायराना फ़सादात और उर्दू अफसाना – 2017, अफ़कार-व-इदराक – 2021 एवं दामन तले दीप (अनुवाद-च़राग-ए-तहे दामा – उपन्यास) प्रकाशित हो चुकी हैं । आप द्वारा दूरस्थ शिक्षा के लिए लिखित पुस्तक की इकाइयां मौलाना आज़ाद नेशनल उर्दू विश्वविद्यालय, हैदराबाद में स्नातक की कक्षाओं में अध्ययन हेतु प्रस्तुत की जाती है । पूर्व में डॉ जुबैर को 2012 में आल इंडिया उर्दू मास कम्युनिकेशनल सोसायटी फार पीस द्वारा एचीवमेंट अवार्ड एवं 2017 में उत्तर प्रदेश उर्दू अकादमी द्वारा सम्मानित किया गया है ।
डॉ0 मोहम्मद जुबैर, प्रवक्ता, डायट रायबरेली, उ0प्र0।
सलोंन के सभी शिक्षकों ने अवार्ड मिलने पर हर्ष व्यक्त किया है जिसमें प्रधानाध्यापक राजेश कुमार मिश्रा नरेंद्र कुमार सिंह सेवानिवृत्त शिक्षक मोहम्मद इस्माइल खान मोहम्मद जैदी अशफाक जहां वरिष्ठ उपाध्याय श्रवण कुमार यादव आरपी गौरव शर्मा मोहम्मद कासिम हुनर समाजसेवी इसरार हैदर रानू बलवंत सिंह सूरज जायसवाल अनुराग श्रीवास्तव अनिल कुमार पांडे आदि ने हर्ष व्यक्त किया है एवं बधाई दी हैI










